आयुष्मान आरोग्य मंदिर झाड़ियों में तब्दील, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

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  • (कौशल यादव सीतापुर संवाददाता)
  • ग्राम पंचायत शंकरपुर के कोठीपुरवा का मामला, लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी भवन पर लटका रहता है ताला

सीतापुर। रामपुरकलां क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत शंकरपुर के कोठीपुरवा में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया आयुष्मान आरोग्य मंदिर इन दिनों बदहाली का शिकार है। स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं और भवन पर अक्सर ताला लटका रहने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस स्वास्थ्य केंद्र की वर्तमान स्थिति सरकारी व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है।

  • चारों ओर उगी झाड़ियां, परिसर में पसरी अव्यवस्था

आयुष्मान आरोग्य मंदिर के आसपास लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां और घास काफी बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र का परिसर देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां लंबे समय से नियमित गतिविधियां नहीं हो रही हैं। भवन के बाहर और आसपास उगी झाड़ियां केंद्र की उपेक्षा की तस्वीर बयां कर रही हैं।

गांव के रमेश वर्मा ने बताया कि केंद्र में हर समय ताला बंद रहता है। उनका कहना है कि विकासखंड पहला में महरिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में निर्माण के समय से ही ताला बंद है और ग्रामीणों को इसका नियमित लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों ने केंद्र को नियमित रूप से खोलने और स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।

  • इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद जब यहां चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होती तो लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। सामान्य बीमारी या दवा की आवश्यकता होने पर भी ग्रामीणों को निजी चिकित्सक अथवा जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है। इससे समय के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।

  • जिले में 561 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

जिले में 561 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। कोठीपुरवा के केंद्र की स्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद मामले की जांच की बात सामने आई है। संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अमित कपूर ने बताया कि केंद्र की स्थिति की जांच की जाएगी।

  • लाखों की लागत से बना केंद्र उपयोग में न आना सवालों के घेरे में

सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में किसी केंद्र का नियमित उपयोग नहीं होना सरकारी धन के प्रभावी इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भवन तैयार है और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं तो केंद्र को नियमित रूप से संचालित किया जाना चाहिए।