विधान परिषद में एमएलसी मुकेश शर्मा ने गृहकर व्यवस्था से जुड़े जनहित के विषय को उठाया

Lucknow

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य मुकेश शर्मा ने विधान परिषद में नियम-115 के अंतर्गत नगर निगम की गृहकर व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण जनहित के विषय को उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

मुकेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नगर निगम द्वारा भवनों के वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर गृहकर निर्धारित किया जाता है, जिसका समय-समय पर पुनर्मूल्यांकन भी किया जाता है। किंतु बड़ी संख्या में भवन स्वामियों की यह शिकायत रहती है कि कई मामलों में वार्षिक मूल्यांकन विलंब से किए जाने के कारण संशोधित गृहकर पूर्व वर्षों से प्रभावी कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप नियमित रूप से गृहकर जमा करने वाले नागरिकों को भी एकमुश्त बकाया गृहकर का भुगतान करना पड़ता है।

उन्होंने सदन के माध्यम से सुझाव दिया कि गृहकर का नया वार्षिक मूल्यांकन वर्तमान वर्ष से ही प्रभावी किया जाए तथा पूर्व वर्षों पर संशोधित मूल्यांकन लागू कर अतिरिक्त गृहकर न लगाया जाए। इससे भवन स्वामियों को अनावश्यक असुविधा से राहत मिलेगी और वे गृहकर का भुगतान अधिक सहजता एवं नियमित रूप से कर सकेंगे।

मुकेश शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था से नागरिकों और नगर निगम दोनों के लिए गृहकर संबंधी प्रक्रिया अधिक सरल, सुगम एवं प्रभावी बनेगी तथा अनावश्यक आपत्तियों एवं प्रक्रियागत कठिनाइयों में भी कमी आएगी।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनहित एवं आम नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाए, जिससे प्रदेश के लाखों गृहकरदाताओं को राहत मिल सके।