लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। प्रदेश में अब तक 8.67 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,911 मेगावाट से अधिक है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के विजन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को जनभागीदारी से जोड़कर उत्तर प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- सितंबर में 74,796 सोलर इंस्टॉलेशन, देश में सबसे आगे यूपी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए गए, जो देश में सर्वाधिक हैं। इस दौरान प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 इंस्टॉलेशन हुए, जबकि 30 सितंबर को एक दिन में 3,389 इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड बना। देशभर में सितंबर में हुए कुल 4,38,815 इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर का विस्तार आम परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत कर रहा है।
- ग्रीन एनर्जी के साथ युवाओं के लिए ग्रीन जॉब्स और स्किल्स के अवसर
डॉ. सिंह ने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 8,000 से अधिक सोलर वेंडर्स सूचीबद्ध किए गए हैं और इससे एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। सोलर सिस्टम की डिजाइन, इंस्टॉलेशन, सर्विस और मेंटेनेंस से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए ग्रीन स्किल्स और रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं।
- सरोजनीनगर में भी हरित ऊर्जा को मिल रही रफ्तार
सरोजनीनगर क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 60 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता, 8 आरडब्ल्यूए में कम्युनिटी सोलर प्लांट, 5 सोलर ट्री, 1,900 से अधिक सोलर लाइट्स और 7 ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी पहलें की गई हैं। माती गांव को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की पहल भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र और ईवी जैसी पहलों के माध्यम से ‘स्वच्छ यूपी–स्वस्थ यूपी’ की दिशा में मजबूत और टिकाऊ विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है और प्रदेश आने वाले समय में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए लक्ष्य हासिल करेगा।
