दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार: 12 मकानों पर चला ध्वस्तीकरण अभियान, पोकलैंड मशीन भी मैदान में उतरी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है। गुरुवार को दालमंडी क्षेत्र में 12 मकानों का ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, जबकि पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान पहली बार पोकलैंड मशीन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कार्य की गति और तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) का लक्ष्य मानसून से पहले अधिक से अधिक भवनों को हटाकर सड़क निर्माण कार्य को गति देना है।
132 भवनों की रजिस्ट्री पूरी, 70 से अधिक भवन जमींदोज
PWD के अधिशासी अभियंता केके सिंह के अनुसार दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 181 भवन चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 132 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 70 से अधिक भवनों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। गुरुवार की कार्रवाई के बाद शेष भवनों पर भी जल्द प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई की जाएगी।
65 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित
अधिकारियों के मुताबिक अब तक प्रभावित मकान मालिकों को लगभग 65 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। सभी भवन स्वामियों को पहले से नोटिस और मुनादी के माध्यम से मकान खाली करने की सूचना दी गई थी।
215 करोड़ की लागत से बनेगी मॉडल सड़क
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत नई सड़क से चौक थाना तक करीब 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 215.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रभावित भवन और दुकान स्वामियों को कुल 191 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाने हैं।
काशी के यातायात को मिलेगी नई दिशा
दालमंडी, वाराणसी के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक बाजार क्षेत्रों में शामिल है। सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या कम होने, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है।