भारत में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की जमकर चर्चा है। पीएम नरेंद्र मोदी और मेलोनी का टॉफी वाला वीडियो को देखने वालों की तादाद 15 करोड़ से पार हो चुकी है। भारत के लोग पूछ रहे हैं कि कौन है मेलोनी? आज आपको इसी बात का जवाब देते हैं कि इटली की प्रधानमंत्री आखिर कौन हैं, कहां से आईं?
इंटरनेट पर बसी मीम्स की दुनिया में तो मेलोडी नाम पहले से छाया हुआ था, लेकिन बारी-बारी से इस नाम पर औपचारिक मुहर भी लग गई। पहले मुहर खुद मेलोनी ने लगाई, जब वो 2024 जी-20 बैठक के लिए दिल्ली आई थी। मेलोडी शब्द पहली बार उनकी जुबान पर आया था। और अब करीब डेढ़ साल बाद मोदी ने रोम जाकर मेलोडी वाली ग्लोबल मीम टीम को मसाला दे दिया।
परिश्रम के चलते मेलोडी
मेलोडी के नाम पर इंटरनेट पर हंसी मजाक और मीम्स का तूफान अपनी जगह पर है लेकिन ‘मेलोडी’ असल में उस कड़े परिश्रम वाली सियासी सफर का नाम है, जिसके बल पर मोदी आज पीएम मोदी हैं और मेलोनी आज प्रधानमंत्री हैं। खुद मेलोनी ने परिश्रम और साधना वाले इस मंत्र को हिंदी में ही दुनिया के सामने रखा है।
मेहनत से ही मिलती है सफलता
एक भारतीय शब्द है जो बहुत अच्छे से समझाता है, ये परिश्रम है। परिश्रम का अर्थ कड़ी मेहनत है, निरंतर संकल्प, ये शब्द भारत में अक्सर इस्तेमाल होता है और इसे लेकर एक कहावत भी कही जाती है कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। इसका मतलब है कि कड़ी मेहनत से ही सफलता मिलती है। दोनों देशों के रिश्ते इसी तरह कड़ी मेहनत से बने हैं, जो सफल हुए हैं।
इटली के इतिहास में पहली महिला प्रधानमंत्री
जॉर्जिया मेलोनी इटली के इतिहास में प्रधानमंत्री बनने वाली पहली महिला हैं। ये बात ऐसे में और अहम हो जाती है कि मेलोनी उस दौर में इटली के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर बैठी जब प्रधानमंत्री की कुर्सी पर हर साल कोई नया नाम होता था, कुछ प्रधानमंत्री तो सालभर भी पूरा नहीं कर पाए।
16 सालों में इटली में बदले 10 प्रधानमंत्री
2006 में सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने करीब करीब 5 साल का कार्यकाल पूरा करके पीएम की कुर्सी छोड़ी थी। उसके बाद के 16 सालों में इटली में 10 प्रधानमंत्री बदल गए। इन 16 सालों में किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे ज्यादा कार्यकाल सिर्फ साढ़े तीन साल रहा। अक्टूबर 2022 में जॉर्जिया मेलोनी प्रधानमंत्री बनी और साढ़े तीन साल वाला बेंचमार्क पार कर चुकी हैं।
मेलोनी ने पकड़ा राष्ट्रवादी सियासत का रास्ता
इटली में कोएलिशन यानि गठबंधन वाली सियासत ही हावी रही है। यही वजह है कि कोई प्रधानमंत्री ज्यादा दिन टिक नहीं पाता था, लेकिन मेलोनी में ऐसा क्या था, जो वो गठबंधन वाले बंधनों से आगे बढ़ गईं। सियासत जॉर्जिया मेलोनी को ना तो खानदानी विरासत में में मिली ना प्लेट में सजाकर। इसके बावजूद बहुत कम उम्र में उन्होंने राष्ट्रवादी सियासत का रास्ता पकड़ लिया।
मेलोनी ने ज्वाइन की थी MSI पार्टी
15 साल की उम्र में मेलोनी ने MSI यानि इटालियन सोशल मूवमेंट पार्टी ज्वाइन कर ली। MSI पार्टी ने 1994 में अपना नाम बदलकर नेशनल अलायंस कर लिया और मेलोनी पार्टी की यूथ विंग में शामिल हो गईं। राष्ट्रवादी युवा नेता के तौर पर मेलोनी ने कई पदों पर भूमिका निभाई टीवी शो, पब्लिक डिबेट और रैलियों में उनके जोशीले तेवर और झन्नाटेदार भाषणों की वजह से इटली की आम जनता और पार्टी कैडर के बीच उन्हें पहचान भी बहुत तेजी मिलने लगी।
बेहद आम परिवार से रहीं मेलोनी
आम लोगों के बीच लोकप्रियता की एक बड़ी वजह ये रही कि मेलोनी किसी अमीर या सियासी परिवार से नहीं बल्कि बेहद आम परिवार से आई थीं। बचपन भी वैसा खुशनसीबी से नहीं बीता जैसा किसी आम परिवार में होता है। मेलोनी का जन्म 1977 में रोम में हुआ था। पिता टैक्सी ड्राइवर और मां नॉवेलिस्ट थी, लेकिन मेलोनी के जन्म के 1 साल बाद ही मां बाप अलग हो गए। मेलोनी को मां ने अकेले पाला पोसा।
लाइफ पार्टनर के साथ हुआ तलाक
बचपन के दिनों की तरह आज भी मेलोनी की निजी जिंदगी में आम लोगों जैसा सुकून नहीं आ पाया। अपने लाइफ पार्टनर के साथ उनका एक अलगाव हो चुका है। दोनों की एक बेटी है, लेकिन निजी जीवन की मुश्किलें उनकी सियासी लगन पर हावी होती नहीं दिखती। मेलोनी अभी भी वही मेलोनी हैं, जैसा 15, 27 या 31 की उम्र में उन्हें इटली के लोग जानते थे। तेजतर्रार लेकिन हंसमुख और खुशमिजाज हैं।
ऐसे सियासत में आने का किया फैसला
जाहिर है मुश्किल हालात में बड़ी होती मेलोनी की सोच अपने हम उम्र बच्चों से अलग ही होनी थी। 1992 में इटली में एक बड़ी घटना हुई, जब एक जज का माफिया ने मर्डर कर दिया। मेलोनी का कहना है कि इसी घटना के बाद उन्होंने 15 साल की उम्र में ही सियासत में आने का फैसला कर लिया।
मेलोनी का सियासी सफर
मेलोनी ने 2012 में नेशनल अलायंस पार्टी छोड़कर ब्रदर्स ऑफ इटली नाम से नई पार्टी बनाई। 2018 के चुनाव में उनका पार्टी को सिर्फ 4.4% वोट मिले लेकिन अगली बार यानी 2022 के चुनाव में मेलोनी की पार्टी 26% वोट पाकर सबसे बड़ी पार्टी बनी और October 22, 2022 को मेलोनी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इटली के 161 सालों के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली वो पहली महिला बनी।
