डॉ. राजेश्वर सिंह का ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ अभियान बना पर्यावरण और शिक्षा का मजबूत मॉडल

Lucknow
  • वन सुरक्षा को नई ताकत: 25 फॉरेस्ट वॉचर्स को साइकिलें, ग्राउंड-लेवल पेट्रोलिंग होगी और मजबूत — डॉ. राजेश्वर सिंह
  • ’एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ अभियान का विस्तार: पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी का प्रभावी मॉडल — डॉ. राजेश्वर सिंह
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ती हिरण आबादी से स्वस्थ इकोसिस्टम के संकेत, संरक्षण प्रयासों की सफलता उजागर — डॉ. राजेश्वर सिंह
  • बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा: छात्राओं को साइकिलें, बच्चों को वेलकम किट से नई ऊर्जा — डॉ. राजेश्वर सिंह
  • पर्यावरण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का संगम: समग्र विकास मॉडल लगातार आगे बढ़ता हुआ — डॉ. राजेश्वर सिंह

पीलीभीत/ लखनऊ। मुस्तफाबाद फॉरेस्ट गेस्ट हाउस, पीलीभीत टाइगर रिजर्व में “एनवायरनमेंट वॉरियर्स: दी गार्जियंस ऑफ दी ग्रीन” के नौवें चरण के अंतर्गत साइकिल एवं स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे।

वन सुरक्षा को नई मजबूती
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने 25 फॉरेस्ट वॉचर्स को साइकिलें वितरित कीं। इससे उनकी ग्राउंड-लेवल पेट्रोलिंग क्षमता में वृद्धि होगी और वन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ अभियान का विस्तार
कार्यक्रम ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स: दी गार्जियंस ऑफ दी ग्रीन’ के नौवें चरण के अंतर्गत आयोजित हुआ। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी और जनजागरूकता को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।

स्वस्थ इकोसिस्टम के संकेत
डॉ. राजेश्वर सिंह ने टाइगर रिजर्व में हिरण सहित शाकाहारी प्रजातियों की बढ़ती संख्या को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह 1980 के दशक जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति है, जो सफल संरक्षण प्रयासों को दर्शाती है।

वन अधिकारियों के कार्यों की सराहना
इस मौके पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने जिला वन अधिकारी मनीष सिंह और क्षेत्रीय वन अधिकारी सहेंद्र यादव के कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने सीएसआर फंड के माध्यम से अतिरिक्त वाटर पंप उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और पीताम्बरा ट्रस्ट का आभार जताया।

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन
कार्यक्रम के तहत प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी की 10 मेधावी छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं, वहीं बच्चों को वेलकम किट दी गई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा सशक्त समाज की नींव है और ऐसे प्रयास बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

युवाओं में उत्साह और प्रतिभा का सम्मान
कार्यक्रम में आयोजित क्विज, कविता और गीत प्रस्तुतियों की डॉ. राजेश्वर सिंह ने सराहना की। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उनकी ऊर्जा को “ब्राइट इंडिया” की झलक बताया।

पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
डॉ. राजेश्वर सिंह ने ग्रामीणों और बच्चों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और वन्यजीव संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में साइकिल, जैकेट, बाइनाक्युलर्स सहित कई संसाधन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

नेट जीरो अभियान और भविष्य की दिशा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने लखनऊ में चल रहे “नेट जीरो @ सरोजनीनगर” अभियान का उल्लेख करते हुए जनजागरूकता को पर्यावरण संरक्षण की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को समान प्राथमिकता देते हुए निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।