योग से शुद्ध होता शरीर का श्वसन तंत्र, बीमारियों से मिलती है सुरक्षा – योग गुरू स्वामी योगानंद (सुरेन्द्र सिंह डाबस )

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  • योग से शुद्ध होता शरीर का श्वसन तंत्र, बीमारियों से मिलती है सुरक्षा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारा शरीर प्रदूषण, गलत खान-पान और तनाव से प्रभावित होता है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है। योग न केवल शारीरिक व्यायाम है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक तंत्रों को भी सक्रिय और सशक्त बनाता है।

मानव शरीर में श्वसन तंत्र (रेस्पायरेटरी सिस्टम) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें नाक, मुख, गला, श्वासनली और फेफड़े शामिल हैं। यह तंत्र शरीर में जाने वाली वायु को शुद्ध करता है। जब यह तंत्र सही ढंग से कार्य करता है, तो अनेक बीमारियों से स्वतः ही सुरक्षा मिलती है।

नाक हमारे शरीर का पहला सुरक्षा द्वार है। तेज गति से श्वास को अंदर लेना और बाहर छोड़ना नाक की सफाई में सहायक होता है। वायु के प्रवाह से नाक के भीतर जमी धूल और कण बाहर निकलते हैं, जिससे श्वसन प्रक्रिया सुचारु रहती है।

गले को स्वस्थ रखने के लिए विशेष व्यायाम आवश्यक हैं। उज्जयी प्राणायाम के साथ किए जाने वाले गले के चार प्रमुख व्यायाम गले को मजबूत बनाते हैं और उसे अंदर से साफ रखते हैं। वायु का प्रवाह गले की अशुद्धियों को दूर करने में सहायक होता है।

श्वास नली को भी एक सरल व्यायाम से स्वच्छ रखा जा सकता है। हाथों को ऊपर उठाकर गहरी सांस लेना और हाथ नीचे लाते समय धीरे-धीरे सांस छोड़ना श्वसन तंत्र को सक्रिय करता है और फेफड़ों तक वायु का बेहतर संचार सुनिश्चित करता है।

फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए गहरी सांस लेकर लगभग 30 सेकंड तक रोकना और फिर छोड़ना लाभकारी होता है। इससे फेफड़ों के प्रत्येक कोशिका तक ऑक्सीजन पहुंचती है। इसके बाद सांस बाहर छोड़कर 15 सेकंड तक रोकने से फेफड़ों की फैलने और सिकुड़ने की क्षमता मजबूत होती है, जिससे वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

इसके साथ ही भोजन या पेय पदार्थ लेने के बाद मुंह की स्वच्छता भी जरूरी है। कुल्ला और गरारे करने से गले और मुंह में जमा अवशेष साफ होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है।

नियमित योगाभ्यास से श्वसन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। योग हमें न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा भी प्रदान करता है।

योग गुरू सुरेन्द्र सिंह डाबस उर्फ स्वामी योगानंद
(यह दिल्ली के जाने माने योग गुरू हैं और योग के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।)