लखनऊ। सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता संघ (सिमा) के महासचिव रितेश श्रीवास्तव ने रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान संबंधी सुझावों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक विकास, सरकारी खरीद, वित्तीय सहायता और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
- औद्योगिक भूखंडों और फ्रीहोल्ड नीति का उठाया मुद्दा
रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि यूपीसीडा द्वारा आवंटित कई भूखंड वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैं, जिससे वास्तविक उद्यमियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे भूखंडों का आवंटन निरस्त कर इच्छुक उद्योगपतियों को दिया जाए। साथ ही 40 वर्ष या उससे अधिक समय से लीज पर संचालित औद्योगिक इकाइयों को फ्रीहोल्ड करने की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया, जिससे उनकी वित्तीय साख मजबूत हो सके।
- सरकारी खरीद में स्थानीय उद्योगों को मिले प्राथमिकता
ज्ञापन में प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की मांग भी शामिल रही। सिमा ने कहा कि आयुष क्षेत्र से जुड़े उत्पादों की खरीद राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों से ही की जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिल सके और रोजगार के अवसर बढ़ें।
- इन्क्यूबेशन सेंटर और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता
संघ ने सूक्ष्म उद्योगों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने तथा सीडीआरआई, सीमैप और एनबीआरआई जैसे संस्थानों के सहयोग से गुणवत्ता प्रमाणन और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन निरस्त करने से पहले आपत्तियों के निस्तारण का अवसर देने तथा अस्थायी एनओसी जारी करने का सुझाव दिया गया।
- ऋण, सब्सिडी और NPA मानदंडों में राहत की मांग
एमएसएमई इकाइयों को बैंक ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों और कड़े एनपीए मानदंडों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में आकर्षक ब्याज दरों पर ऋण, सब्सिडी, वन टाइम सेटलमेंट तथा एनपीए मानकों में व्यावहारिक राहत देने की मांग की गई, जिससे सूक्ष्म उद्योगों को आर्थिक मजबूती मिल सके।
- अग्नि सुरक्षा और मानचित्र अनुमोदन में एकरूपता पर जोर
सिमा ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रत्येक इकाई पर अलग-अलग फायर टैंक की अनिवार्यता के स्थान पर कॉमन वाटर टैंक और फायर हाइड्रेंट व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही फैक्ट्री एक्ट के तहत स्वीकृत मानचित्रों को सभी विभागों द्वारा मान्यता देने की मांग रखी, ताकि उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिल सके।
- रक्षा मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सूक्ष्म उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सिमा द्वारा उठाए गए मुद्दों को संबंधित मंत्रालयों और विभागों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाएगा।
- रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता है तो उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म उद्योगों के विकास को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से प्रदेश को औद्योगिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
