विपिन खंड में 18.64 एकड़ में 821 करोड़ रुपये से बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) करीब नौ साल बाद निजी हाथों में जाने से अब इसके दिन बहुरेंगे। जर्जर हो चुके भवन को 35 वर्ष की लीज पर लेने वाली वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवुड होटल्स के कंसोर्टियम 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च कर संचालित करेगा। जो जल्द ही मरम्मत, फिनिशिंग, साफ-सफाई और अधूरे कार्य पूर्ण कराएगी। बुधवार को जब इसे खोला गया तो तमाम खामियां सामने आईं।
सपा सरकार में जेपीएनआईसी का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू और जांच के कारण 2017 में बंद हो गया। इससे परिसर में 50 करोड़ रुपये के कार्य अवशेष रह गए। साथ ही जांच के चलते टूट-फूट और देखरेख के अभाव में बिल्डिंग जर्जर हो गई। इससे परिसर को तैयार करने की लागत बढ़कर 200 से 250 करोड़ रुपये पहुंच गई। वर्तमान में इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल एवं फायर उपकरण सहित विभिन्न कार्य अधूरे हैं। इसके अलावा जगह-जगह टाइल्स टूट व उखड़ चुके हैं तो फर्श टूट चुकी है। हेलीपैड जर्जर स्थिति में है। स्वीमिंग पूल में काई जमी है। बंद कमर, कन्वेंशन सेंटर के हर फ्लोर व म्यूजियम में सीलन है। टूट-फूट के साथ जगह-जगह कबाड़ रखा है। एक्सीलेटर व सीढ़ियां टूटी व बंद है।
आडिटोरियम अधूरा है। कुर्सियां, सोफे व अन्य फर्नीचर सड़-गल चुके हैं। जगह-जगह पेड़-पौधों की लटें व घास निकली है। साफ-सफाई कराने में ही लाखों रुपये खर्च होंगे। इलेक्ट्रिक सामान भी गायब है। शर्तों के मुताबिक निजी संस्था अधूरे कार्यों के साथ मरम्मत के कई कार्य कराकर दो वर्ष के अंदर निर्मित होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग एवं स्पोर्ट्स फैसिलिटी का संचालन करेगी।
कंसोर्टियम 25 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस गारंटी प्राधिकरण में जमा
कंसोर्टियम अनुबंध की शर्तों के तहत 25 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस गारंटी प्राधिकरण में जमा करेगी और स्वीकृति पत्र प्राप्त होने पर प्राधिकरण को 10.11 करोड़ रुपये भुगतान करेगी। स्पोर्ट्स फैसिलिटी मेंबरशिप एवं क्लब मेंबरशिप का प्रावधान किया जाएगा। इस व्यवस्था में लोगों को शुल्क देना होगा। दरों का निर्धारण कमेटी करेगी। संचालन शुरू होने के बाद एलडीए को प्रति वर्ष 6 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। ये राशि प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिशत बढ़ाएगी जाएगी। निर्धारित लीज अवधि पूर्ण होने तक धनराशि सालाना लगभग 35 करोड़ रुपये हो जाएगी।
