10 हजार भक्तों ने एक साथ किया हनुमान चालीसा पाठ

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(www.arya-tv.com) कोरोना आपदा के निवारण हेतु विश्व में अभूतपूर्व महापूजा का एक साथ ऑनलाइन आयोजन हुआ। जब विश्व के लगभग 21 देशों में हजारों हिंदू भक्तों ने एक साथ आचार्य मृदुलकांत शास्त्री के आह्वान पर ऑनलाइन जुड़कर हनुमान चालीसा के एक लाख 8 हजार से अधिक पाठ किए। नरोत्तमलाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में आचार्य विष्णुकांत शास्त्री के आचार्यत्व में विश्व इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल ऑनलाइन पाठ शृंखला तब फलीभूत हुई जब लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए अपने अपने घरों में बैठकर भारत के संत महापुरुषों के पावन सान्निध्य में 10 हजार से अधिक भक्तों ने एक साथ 11-11 हनुमान चालीसा पाठ किए। इसमें विश्व प्रसिद्ध श्रीहनुमान विग्रहों के समक्ष संतों और राजनेताओं ने भी ऑनलाइन जुड़कर पाठ किए। आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने बताया कि हनुमान चालीसा पाठ के दौरान विश्व के 21 देशों में मुख्य रूप से अमेरिका, कनाडा, यूके, घाना, मॉरिशस, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, हांगकांग, म्यांमार आदि देशों के हजारों हिंदू भक्त फेसबुक लाइव पर ऑनलाइन रहे। साथ ही अपना घर आश्रम भरतपुर के लगभग 3300 भक्तों ने एक साथ पाठ में सहभागिता की। उन्होंने बताया कि सोमवार को रुद्राभिषेक एवं 2 मई को संपूर्ण विश्व के 1008 सनातन धर्मप्रेमियों के घरों में ऑनलाइन सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। इस अभियान में निरंतर कोविड 19 से मुक्ति हेतु प्रार्थना जारी रहेगी।

ये संत एवं हस्तियां पाठ में रहीं ऑनलाइन

जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु निंबार्काचार्य श्यामाशरण देवाचार्य, साध्वी ऋतंभरा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्रदास, बाबा बलराम दास, स्वामी ज्ञानानंद, गोलोक धाम पीठाधीश्वर स्वामी गोपालशरण देवाचार्य, इस्कॉन ऊधमपुर के नवयोगेंद्र स्वामी, वेल्लोर के प्रसिद्ध स्वर्ण महालक्ष्मी मंदिर के संस्थापक शक्ति अम्मा, संत अवधेश दास, श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी स्वामी सत्येंद्र दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह डा. कृष्णगोपाल, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, उप्र व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग, पूर्व मंत्री विजय मिश्रा समेत ब्रज के प्रसिद्ध संत एवं भागवताचार्यों ने भी ऑनलाइन हनुमान चालीसा का पाठ किया।