योगी सरकार का बड़ा फैसलाः अब सभी अनुसूचित जनजातियां होंगी पात्र, इन 35 जातियों को मिलेगा आवास योजना का लाभ

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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को इसके अंतर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे भुनिया समेत 35 जातियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना में शुरुआत में वनटांगिया और मुसहर जातियों को शामिल किया गया था। बाद में कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी जातियों को जोड़ा गया। अब भोटिया, जौनसारी, राजी, गोंड, धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड, खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां और भुनिया समेत अन्य जातियों को भी पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि योजना ‘संतृप्ति मॉडल’ पर आधारित है, जिसके तहत शामिल जातियों के सभी पात्र लाभार्थियों को कम समय में आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा जाता है। उन्होंने कहा कि मुसहर और वनटांगिया समुदाय के अधिकांश पात्र लोगों को पहले ही आवास दिए जा चुके हैं। इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का कहना है कि यह पहल वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में अहम कदम है।