UP सरकार जल्द बनाने जा रही है विंध्य एक्सप्रेसवे, प्रयागराज में जमीनों का होगा अधिग्रहण

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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना अब जमीन पर उतरती नजर आ रही है. प्रयागराज जिले में इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 210 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिल चुकी है. अब विस्तृत सर्वे के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

इस परियोजना के तहत प्रयागराज की सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों के दर्जनों गांव प्रभावित होंगे. जिला प्रशासन का अनुमान है कि भूमि अधिग्रहण की जद में 400 से 500 किसानों की जमीन आ सकती है. हालांकि अंतिम संख्या विस्तृत सर्वे और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही तय होगी.

तीन तहसीलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

यूपीडा की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले की तीन प्रमुख तहसीलों से होकर निकलेगा. प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, हंडिया तहसील में लगभग 78 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा, फूलपुर तहसील में करीब 68 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी, सोरांव तहसील में लगभग 64 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी. इस तरह कुल 210 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किए जाने का प्रस्ताव है.

73 गांवों पर पड़ेगा असर

इस परियोजना के लिए पहले ही प्रयागराज की तीन तहसीलों के 73 गांवों की पहचान की जा चुकी है. इन्हीं गांवों में भूमि का सत्यापन, सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कराया जा रहा है. जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि लेखपालों के माध्यम से प्रत्येक भूखंड का सत्यापन कराया जाए और यदि किसी गांव की सीमा या अभिलेख में कोई विसंगति मि ले तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए.भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिलेगा.

क्या है विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना?

विंध्य एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है. करीब 200 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का मकसद प्रयागराज को मिर्जापुर और सोनभद्र से जोड़ते हुए विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विंध्य एक्सप्रेसवे कोगंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा. प्रयागराज के जुदापुर डांडू क्षेत्र के पास इंटरचेंज प्रस्तावित है. इसी बीच प्रयागराज से वाराणसी तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर के लिए भी सावन माह से सर्वे शुरू होने की तैयारी है.