प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए नेशनल हेल्थ अथारिटी (एनएचए) ने पुणे में 17-18 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में प्रदेश को सम्मानित किया।
प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के उत्कृष्ट संचालन के लिए यह सम्मान मिला है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी और साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने इसे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डिजिटलीकरण का परिणाम बताया। प्रदेश में वर्तमान में 6,433 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं, जिनमें 3,521 निजी और 2,912 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को पारदर्शी और तेज स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। बड़ी संख्या में अस्पताल एबीडीएम-इनेबल्ड एचएमआईएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) से लैस हैं, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम हुई है।
हाल ही में 100 से अधिक बेड वाले 55 बड़े अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधाएं और मजबूत हुई हैं। न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, नियोनेटल केयर और बर्न मैनेजमेंट जैसी विशेष सेवाओं के विस्तार से मरीजों को अब प्रदेश में ही उन्नत उपचार उपलब्ध हो रहा है। इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को मिला है, जिन्हें पहले इलाज के लिए बड़े शहरों या अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब गरीब और कमजोर वर्गों का इलाज का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ है।
