शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति : डॉ. दिनेश शर्मा

Lucknow
  • प्रधानाचार्य शिक्षा व्यवस्था की धुरी, उनके विचार समाज की अमूल्य निधि

लखनऊ। राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षक ही देश की प्रगति और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार होता है। शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार नहीं करता, बल्कि समाज को नई दिशा और नई सोच भी देता है। गुरु किसी भी व्यक्ति के जीवन का कायाकल्प करने की क्षमता रखते हैं, इसलिए भारतीय संस्कृति में उनका स्थान सर्वोच्च माना गया है। उनके विचार समाज की अमूल्य निधि हैं और वे द्रोणाचार्य की तरह प्रतिभाओं को अर्जुन बनाने का कार्य करते हैं।

  • प्रधानाचार्यों की भूमिका शिक्षा की गुणवत्ता तय करती है

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान सभागार में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 48वें प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रधानाचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य केवल प्रशासक नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के मार्गदर्शक होते हैं।

  • ‘सुखी शिक्षक’ से ही बनेंगे बेहतर विद्यार्थी

अपने शिक्षा मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि उस समय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए “सुखी मन शिक्षक” की अवधारणा को प्राथमिकता दी गई थी। उनका कहना था कि यदि शिक्षक संतुष्ट और प्रेरित होगा, तभी वह उत्कृष्ट विद्यार्थियों का निर्माण कर सकेगा। इसी सोच के तहत डिग्री कॉलेजों के तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण, डिग्री शिक्षकों को प्रोफेसर पदनाम, शिक्षामित्रों एवं अन्य शिक्षकों के वेतन में वृद्धि, घर बैठे नियुक्ति पत्र वितरण तथा प्रधानाचार्य पद पर वरिष्ठता को प्राथमिकता जैसे निर्णय लिए गए।

  • नकल विहीन परीक्षा और विद्यालयों का हुआ कायाकल्प

डॉ. शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के विद्यालयों का व्यापक कायाकल्प हुआ है। उत्तर प्रदेश आज नकल विहीन परीक्षा प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

  • प्रधानाचार्य परिषद की मांग पर सरकार से करेंगे चर्चा

प्रधानाचार्य परिषद द्वारा वरिष्ठतम अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति तथा निर्धारित मानदंडों के आधार पर पदोन्नति की मांग पर डॉ. शर्मा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वह इस विषय पर मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री से चर्चा करेंगे और परिषद की उचित मांग को सरकार के समक्ष रखेंगे।

कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मणि शंकर त्रिपाठी, महामंत्री शैलेंद्र दत्त शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक दिनेश चंद्र पांडे, वीरेंद्र त्रिपाठी, टीपी सिंह, राजेंद्र बाजपेई सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।