रात में भी ताजमहल पर बंदरों का कब्जा;पर्यटकों पर हमला कर छीना डंडा

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(www.arya-tv.com)  वर्तमान में दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल की खूबसूरती से ज्यादा यहां बंदरों के आतंक की चर्चा हो रही है। भोजन की तलाश में भूखे प्यासे बंदर लगातार पर्यटकों पर हमला कर रहे हैं। दिन ही नहीं रात में भी ताजमहल के पास से गुजरना मुश्किल हो गया है। ताजमहल के गेट पर रात में दर्जनों बंदर और कुत्तों का डेरा जमा रहता है। भोजन की तलाश में यहां से गुजरने वाले व्यक्ति पर बंदर हमला कर रहे हैं।

गुरुवार रात 1 बजे ताजमहल के पूर्वी गेट पर दर्जनों बंदर और आवारा कुत्तों का कब्जा दिखाई दिया। इसी दौरान शहर घूम कर लौट रहे पर्यटक भाई – बहन पर बंदरों ने हमला कर दिया। पूरी घटना दैनिक भास्कर के कैमरे में कैद हो गयी।घायल पर्यटक भाई – बहन ने बताया की उनके पिता वन विभाग में कर्मचारी है और ताज नेचर वॉक पर तैनात हैं। वो लोग उनसे मिलने आये थे, यहां शहर घूम कर वापस पिता के कमरे पर जाते समय पूर्वी गेट पर बंदरों ने हमला कर दिया। जब बंदरों को भगाने के लिए डंडा दिखाया तो बंदर डंडा भी छीन ले गए।

पत्रकारों ने सुरक्षित पहुंचाया

जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त ताजमहल के पूर्वी गेट से गुजरते हुए पत्रकारों ने पर्यटकों को फंसा हुआ देखा। दोनों पत्रकारों ने पर्यटकों को सुरक्षा देते हुए उनके गंतव्य तक पहुंचाया। पर्यटकों ने पत्रकारों का धन्यवाद किया है।

रोज पर्यटकों पर हमला कर रहे बंदर

ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों पर रोजाना बंदर हमला कर रहे हैं। गुरुवार सुबह बंगाल के एक पर्यटक सलाम को बंदर ने इतना घायल कर दिया की उसे अस्पताल भेजना पड़ा। बुधवार को स्पेन की पर्यटक क्रिस्टीना को बंदर ने घायल किया था। उससे पहले दक्षिण भारत के पर्यटक रशीद को बंदर ने घायल किया था। इसके अलावा स्पेन की महिला और उसकी बच्ची पर बंदरों ने हमला किया जिसमें महिला घायल हुए और फोटोग्राफरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। उससे पहले दो विदेशी महिला पर्यटकों पर भी बंदर हमला कर चुके हैं।

जल्द होगा समस्या का निदान

बंदरों की समस्या से निदान के लिए आगरा के समाजसेवी के सी जैन ने हाईकोर्ट में याचिका डाली हुई है। नगर निगम ने बन्दरो की नसबंदी का प्रस्ताव भेजा हुआ है। नवागत जिलाधिकारी ने आते ही बंदरों से निजात के लिए रैपिड प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। पुरातत्व विभाग के अधीक्षक राजकुमार पटेल के अनुसार लगातार मंथन किया जा रहा है। जल्द बंदरों की समस्या से निजात मिलेगी।

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