Rampur News: जौहर विश्वविद्यालय को दमकल विभाग का अंतिम नोटिस, 7 दिन में जवाब नहीं दिया तो हो सकती है बड़ी कार्रवाई

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रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय में अग्नि सुरक्षा ऑडिट के दौरान सामने आई कमियों को लेकर दमकल विभाग ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को अंतिम नोटिस जारी किया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की ओर से भेजे गए इस नोटिस में प्रबंधन को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने और जवाब प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।

फायर विभाग के अनुसार इससे पहले भी विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार अंतिम नोटिस जारी किया गया है।

संयुक्त अग्नि सुरक्षा ऑडिट में मिली थीं कई खामियां

मुख्य अग्निशमन अधिकारी की टीम ने 29 जून और 1 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय का संयुक्त अग्नि सुरक्षा ऑडिट और विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर आवश्यक अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थे, जबकि कुछ भवनों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) भी निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं मिले।

निरीक्षण के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को सभी कमियों को दूर करते हुए अग्निशमन उपकरण, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए थे।

अब सात दिन में देना होगा जवाब

विभाग ने पहले जारी नोटिस का जवाब न मिलने के बाद अब अंतिम नोटिस जारी किया है। इसमें विश्वविद्यालय प्रबंधन से सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में भी जवाब नहीं मिलता है, तो नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें बिजली कनेक्शन काटने और परिसर को सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

सीएफओ ने क्या कहा?

मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि अग्नि सुरक्षा ऑडिट में मिली कमियों के आधार पर पहले नोटिस जारी किया गया था। जवाब न मिलने के कारण गुरुवार को अंतिम नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिन के भीतर भी विश्वविद्यालय प्रबंधन जवाब नहीं देता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरकार बदले की भावना से काम करना बंद करे: सांसद नदवी

जौहर विवि के भवनों को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण के आदेशों के मामले में सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने विवि का बचाव किया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए विवि 38 इमारतों को गिराने के दिए गए आदेश पर भी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम करना बंद करे। कहा कि जौहर विवि हमारी साझी विरासत और शिक्षा का मंदिर है। नदवी ने कहा जौहर विवि केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हमारे साझे समाज का एक खूबसूरत प्रतीक है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के छात्र मिलकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे शिक्षा के मंदिर को राजनीति या बदले की भावना का शिकार बनाना बेहद निंदनीय है।