मेरठ पुलिस के साथ बड़ा खेला हो गया है. दरअसल पिछले दिनों मेरठ की नौचंदी थाना क्षेत्र की पुलिस ने दावा किया था कि उसने फर्जी IAS अधिकारी को पकड़ा है. दावा किया कि आरोपी खुद को IAS बताता है और लोगों को कॉल करके, धमकाता है. आरोप ये भी था कि वह खुद को IAS बताकर अधिकारियों को भी झांसे में ले लेता है. मेरठ पुलिस ने बाकायदा मीडिया को बुलाकर फर्जी IAS की गिरफ्तारी का खुलासा किया था. मगर अब मेरठ पुलिस फंस गई है.
राहुल कौशिक ने दिए सबूत
राहुल कौशिक मीडिया के सामने आए. उन्होंने इस दौरान कहा कि उन्होंने साल 2008 में परीक्षा पास की थी. राहुल ने कुछ फोटो और दस्तावेज भी दिखाएं. राहुल ने एक कार्ड भी दिखाया, जिसपर भारत सरकार लिखा हुआ है. इसी के साथ कई अहम सर्टिफिकेट भी दिखाए. उस अखबार की कटिंग को भी दिखाया, जिसमें उनके आईएएस बनने की खबर छपी थी. इसी के साथ उन्होंने गवर्नमेंट ऑफ इंडिया डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट कार्ड का आईडी कार्ड दिखाया. राहुल कौशिक ने बताया, साल 2008 में UPSC परीक्षा पास करने के बाद उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिला था. उन्होंने 728वीं रैंक हासिल की थी.
क्या है राहुल कौशिक की कहानी?
मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल कौशिक पर साल 2017-18 में धोखाधड़ी का आरोप लग चुका है. इसके बाद राहुल को निलंबित किया गया था. फिर साल 2019 में उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया था. फिलहाल उनका मामला चल रहा है और वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका केस सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में विचाराधीन है. बताया जा रहा है कि नौकरी खोने की वजह से राहुल तनाव में हैं. परिवार में भी कुछ समस्याएं हैं. बताया जा रहा है कि बुधवार को राहुल ने पुलिस के किसी बड़े अधिकारी को फोन मिला दिया था. इस दौरान उनका उस अधिकारी से विवाद भी हो गया था. इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. फिलहाल राहुल कौशिक का कहना है कि वह अपने वकील और परिवार वालों से बात करके, मामले में एक्शन लेंगे. जानकारी के लिए आपको ये भी बता दें कि गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद पुलिस ने राहुल कौशिक को रिहा भी कर दिया था
