पाकिस्तान को फिर झटका:3 साल बाद भी FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा PAK

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(www.arya-tv.com)फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखने का फैसला किया है। पाकिस्तान ग्लोबल एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग बॉडी के सामने यह साबित करने में नाकाम साबित हुआ कि उसने आतंकवाद के खिलाफ सख्त और प्रमाणिक कार्रवाई की है। पाकिस्तान को कुल 27 मांगें पूरी करनी थीं। इनमें से 3 सबसे ज्यादा अहम थीं। इनमें से एक वह किसी भी रूप में पूरी नहीं कर पाया। दो पर आंशिक कार्रवाई ही हुई। वो 2018 से इस लिस्ट में है।

इस बार क्यों फंसा पाकिस्तान
रिपोर्टस के मुताबिक, पाकिस्तान 1 अहम शर्त पूरी करने में नाकाम रहा। FATF के प्लेनरी सेशन के दौरान ये भी पाया गया कि इमरान सरकार ने उन आतंकी सरगनाओं के खिलाफ जांच और कार्रवाई सही तरीके से नहीं की जिन्हें UN ने आतंकी संगठनों का आका करार दिया है।

FATF ने अपने बयान में कहा- हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान जल्द ही काउंटर टेरेरिस्ट फाइनेंसिंग से जुड़ी बाकी शर्तें पूरी करेगा। इस दौरान पाकिस्तान ने जैश, लश्कर, जेयूडी, अल कायदा और इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी दी। पाकिस्तान अब तक जमात-उद-दावा के हाफिज सईद और कुछ तालिबानी नेताओं के खिलाफ ही कार्रवाई कर पाया है, लेकिन इसके पुख्ता सबूत देने में नाकाम रहा। जैश-ए-मोहम्द चीफ मसूद अजहर और हक्कानी ग्रुप के नेताओं के खिलाफ तो एक्शन ही नहीं हुआ।

अब ज्यादा निगरानी होगी
जानकारी के मुताबिक- FATF अब पाकिस्तान में जाकर कार्रवाई का जायजा लेगा। मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े दस्तावेज खंगाले जाएंगे और इसकी रिपोर्ट पेरिस भेजी जाएगी। ये भी देखा जाएगा कि जिन संगठनों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं , वे कितने कारगर साबित हुए।

अब ग्रे लिस्ट में रखने की कोई तुक नहीं
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि उनका देश FATF की लगभग तमाम मांगों और शर्तों पर कार्रवाई कर चुका है और अब उसे ग्रे लिस्ट में रखने का कोई औचित्य नहीं है। कुरैशी ने कहा था- हमारे सामने 27 शर्तों की लिस्ट रखी गई थी। हमने उनमें से 26 शर्तों को पूरा कर दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर जो डिमांड्स थीं, उन्हें तकनीकि तौर पर पूरा किया जा चुका है।

भारत पर आरोप
कुरैशी ने कहा था- हमने FATF की हर मांग पर फोकस किया और बहुत मजबूत तरीके से उन्हें पूरा किया। इसके बाद मुल्क को ग्रे लिस्ट में रखने की वाजिब वजह नहीं बनती। भारत इस मंच का इस्तेमाल सियासत के लिए कर रहा है। वो पाकिस्तान के खिलाफ प्रोपेगंडा कर रहा है। दुनिया जानती है कि हमने कितना अच्छा काम किया है। फरवरी में FATF की मीटिंग के पहले भी कुरैशी ने यही बातें कहीं थीं। इसके बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा गया था।

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