इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ और सुप्रीम कोर्ट ने ‘सहारा शहर’ का कब्जा वापस लेने की सहारा कमर्शियल की याचिका खारिज कर दी है; कोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई को पूरी तरह वैध और विधिसम्मत ठहराया है।
गोमतीनगर स्थित करीब 170 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट पर नगर निगम ने वर्ष 1994 में हुई लीज की शर्तों के उल्लंघन और 30 साल की अवधि समाप्त होने के बाद 6 अक्टूबर को प्रशासनिक नियंत्रण ले लिया था।
कोर्ट ने माना कि नगर निगम ने वर्ष 2020 और 2025 में बार-बार नोटिस देकर सुधार के पर्याप्त अवसर दिए थे, लेकिन मानकों की अनदेखी जारी रहने पर संपत्ति सील करने का अंतिम कदम बिल्कुल सही था।
इस फैसले से गोमतीनगर की इस कीमती जमीन पर ‘नया विधानभवन’ बनाने का रास्ता साफ हो गया है; शासन ने इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, जमीन की पैमाइश की रिपोर्ट पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है और अब परियोजना की डीपीआर व डिजाइन तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
