सूरज फिर तेवर दिखा रहा है। हर दिन चढ़ता तापमान लोगों की टेंशन बढ़ा रहा है। बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सूरज की तपिश से हवा गर्म हो गई। हवा के थपेड़ों से बचने के लिए लोगों ने छांव की तलाश की। वहीं चेहरे व हाथ को ढक कर निकले। वहीं हीट वेव से बचने के लिए सिटी हीट एक्शन प्लान को प्रभावी रूप से लागू करने में विभागों में तालमेल की कमी आड़े आ रही है।
इस सप्ताह हर दिन तापमान बढ़ रहा है। दोपहर में सूरज मानों आग उगल रहा है। बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। दिन में अधिकतम तापमान बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। यह 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोपहर में चल रही गर्म हवा ने लोगों को बेदम कर दिया। शाम पांच बजे तक धूप के तेवर कड़े रहे, जिससे सड़कों के साथ ही पार्क भी सूने रहे। घरों और कार्यालयों तथा प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर चलाने की नौबत आई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 40 तक पहुंच जाएगा। ऐसे में लू के थपेड़ों से बचने की सलाह दी गई है। जिला आपदा प्राधिकरण प्रबंधन मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाकर लोगों को भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए उपाय करने की सलाह दे रहा है।
हीट वेव लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारियों से कहा है। हीट वेव (लू) से बचाव जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय ने बताया कि हीट वेव और लू से बचाव के संबंध में प्रचार माध्यमों पर हीट वेव/लू की चेतावनी पर ध्यान देने के लिए अपील की गई है। उन्होंने बताया कि अपने घरों को ठंडा रखें। पर्दे-दरवाजे का उपयोग करें। शाम/रात के समय घर तथा कमरों को ठंडा करने के लिए इसे खोल दें। कार्य करने वाले कर्मियों को सीधी सूरज की रोशनी से बचना चाहिए। अधिक श्रमसाध्य कार्यों को ठंडे समय में करने और कराने का प्रयास करें। गर्भस्थ महिला कर्मियों व रोगग्रस्त कर्मियों पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।
यह हैं हीट स्ट्रोक के लक्षण
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बताया कि हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट क्रैम्प के लक्षण कमजोरी, चक्कर आना, सरदर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि है। इसे पहचानें और इस प्रकार के लक्षण की स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल में सम्पर्क करें। यदि मूर्छा या बीमारी अनुभव करते हैं तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें।
बचाव के लिए यह करें उपाय
:: अधिक से अधिक पानी पियें
:: हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले वस्त्र पहनें
:: धूप के चश्मे, छाता, टोपी, व चप्पल का प्रयोग करें
:: अगर आप खुले में कार्य करते है तो सिर, चेहरा, हाथ पैरो को गीले कपड़े से ढके रहे तथा छाते का प्रयोग करें।
:: यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ ले जाएं
:: ओआरएस, घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके
पशुओं को ऐसे करें सुरक्षित
हीट वेव चलने पर जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने को दें।
