विकारहीन बन मनुष्य भगवान के तुल्य बन जाता है: प्रेम भूषण

Lucknow
  • पंडित बृजेश कुमार मिश्रा

लखनऊ(www.arya-tv.com )। ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिन प्रेम भूषण महाराज ने कहा कि जब मनुष्य विकारों से रहित हो जाता है तो वो एकदम भगवान के तुल्य हो जाता है। महाराज ने कहा कि ममता चैरिटेबल ट्रस्ट परिवार के द्वारा श्री राजीव मिश्रा जी ने नर सेवा ही नारायण सेवा है को अपना ध्येय बनाकर कोरोना कॉल में गरीबों के घरों में जाकर दवाइयां एवं भोजन की व्यवस्था की। आगे कहा कि भगवान अविकारी हैं और मनुष्य अर्थात जीव विकारों से परिपूर्ण है।

भगवान और मनुष्य में यही मूल अंतर है। अपने कर्मों के माध्यम से जीव अगर अपने विकारों से रहित हो जाता है तो वह भगवान के तुल्य होने लगता है। निरंतर सतकर्मों में रहने वाला व्यक्ति ही विकारों से छुटकारा पाता है। बताया कि रामचरितमानस में युवाचार्य लक्ष्मण ने निषादराज को यह संदेश बताया था। आगे कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग की चर्चा करते हुए पूज्य महाराज श्री महाराज ने कहा कि भगवान को केवल और केवल प्रेम ही प्यारा है बार-बार मानस जी में इसका इसकी चर्चा आई है।

यह जरूरी नहीं है कि भगवान भी हम से प्रेम करें हमें भगवान से अवश्य प्रेम करना चाहिए अगर हम भगवान से प्रेम की अपेक्षा करते हैं तो यह व्यापार हो जाएगा लेनदेन का व्यापार। भगवान से बदले में कुछ चाहना तो व्यापार ही है। कथा स्थल पर ममता चैरिटेबल ट्रस्ट परिवार के सदस्य डॉ. राजेश शुक्ल, गौरव पांडेय, अरविन्द त्रिपाठी, राजीव तिवारी, शशिकांत शुक्ला डॉ. दुर्गेश धर दुबे, विशिष्ट जन जस्टिस सुधीर सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार वासीन्द्र मिश्रा, डॉ आशुतोष द्विवेदी विशेष सचिव लोक निर्माण, डा. आनन्द गैस्ट्रोइन्ट्रोलाजिस्ट वर्तमान में मेदांता में,  रजनीश गुप्ता, डा. पंकज संघ के सम्पर्क प्रमुख अवध प्रान्त, सुधीर हलवासिया प्रतिष्ठित उद्योगपति, सुरेश पाण्डेय अध्यक्ष लखनऊ बार एसोसिएशन,  पवन सिंह एमएलसी उपस्थित रहे।

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