कानपुर नगर निगम में अब चूने की गुणवत्ता पर घमासान, 20 साल से मिलावटी सप्लाई का आरोप

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नगर निगम में टेंडर घोटाले के बाद अब धार्मिक आयोजनों, सड़कों, गलियों व गंदगी वाले स्थानों पर पड़ने वाले चूने की गुणवक्ता पर भी सवाल खड़े हो गए है। यह सवाल भाजपा के पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने उठाते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मामले की निष्पक्ष जांचकर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई और चूने की जांच आईआईटी कानपुर से कराने की मांग की।

भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने नगर निगम में आने वाले चूने की गुणवक्ता पर सवाल उठाते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को शिकायती पत्र दिया। बताया कि शहर में सड़कों को सजाने, रंगोली बनाने और नालियों के आसपास गंदगी वाले स्थानों पर छिड़काव के लिए प्रतिदिन करीब एक टन चूने का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों में भी इस चूने का उपयोग होता है। आरोप है कि करीब 20 वर्ष से नगर निगम में असली चूने की जगह गन्ने की कोयी और प्लास्टर की डस्ट को मिलाकर तैयार मिश्रण की सप्लाई की जा रही है, जो बिल्कुल चूने की तरह ही सफेद दिखता है। ऐसा करना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व  ठेकेदार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।मांग है कि सप्लाई किए जा रहे चूने के नमूनों की आईआईटी के प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। ताकि चूने की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सके और मामले में जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो सके। पार्षद दल के नेता के मुताबिक नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराने का अश्वासन दिया है। अगर नगर निगम जांच नहीं कराता है तो आईआईटी में खुद जांच कर चूने की जांच कराने के लिए पत्र दिया जाएगा।