कानपुर में खतरे की ओर गंगा, 114.100 मीटर पहुंचा जलस्तर; गांवों और खेतों में घुसा पानी

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कानपुर। कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में पानी 114.100 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु के काफी करीब है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों, गांवों और खेतों में पानी पहुंचने लगा है। कई जगह सब्जियों की फसल प्रभावित होने लगी है।

गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। कुछ दुकानदारों ने जलभराव की आशंका को देखते हुए दुकानें बंद कर दी हैं। वहीं, प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हरिद्वार और नरौरा से छोड़ा जा रहा पानी

जानकारी के मुताबिक गंगा में हरिद्वार से 71,689 क्यूसेक और नरौरा से 1,22,848 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय और बारिश के पानी के नदी में आने से जलस्तर और बढ़ रहा है।

कानपुर गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.100 मीटर, जबकि डाउनस्ट्रीम में 113.950 मीटर दर्ज किया गया है। गंगा में खतरे का स्तर 115 मीटर निर्धारित है।

बैराज के 30 गेट खुले, शुक्लागंज की ओर छोड़ा जा रहा पानी

गंगा बैराज के 30 गेट पूरी तरह खुले हैं। यहां से करीब 3,48,012 क्यूसेक पानी शुक्लागंज की ओर छोड़ा जा रहा है। इसके चलते शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर बढ़कर 112.620 मीटर पहुंच गया है।

शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु 113 मीटर है, जबकि 114 मीटर पर स्थिति खतरनाक मानी जाएगी। यदि जलस्तर इस स्तर तक पहुंचता है तो शुक्लागंज के कई इलाकों के साथ कानपुर के आसपास के गांव और घाट भी प्रभावित हो सकते हैं।

गांवों में घुसने लगा पानी, फसलों पर संकट

ग्रामीणों के मुताबिक गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कुछ गांवों की ओर पानी पहुंचने लगा है। जलभराव के कारण रास्तों पर कीचड़ हो गया है और लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी है।

खेतों में पानी भरने से विशेष रूप से सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचने की शुरुआत हो गई है। ग्रामीणों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है।

प्रशासन की निगरानी बढ़ी

जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। संबंधित टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और ग्रामीणों के संपर्क में हैं। प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई करना है।