राजधानी के चौक कोतवाली क्षेत्र में एक सर्राफा व्यवसायी से 13.75 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचित कारोबारियों ने पहले व्यापारिक लेनदेन के जरिए विश्वास कायम किया और बाद में जेवर गिरवी रखकर लाखों रुपये उधार ले लिए। जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने फर्जी चेक थमा दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यापारिक संबंध का उठाया फायदा, लाखों रुपये लेकर मुकरने का आरोप
इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक, तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज स्थित सोनार वाली गली निवासी राजकुमार वर्मा की चौक की चूड़ी वाली गली में आभूषण की दुकान है। उनकी दुकान के पड़ोस में वीरेंद्र रस्तोगी की भी ज्वेलरी शॉप है। पड़ोसी होने और एक ही कारोबार से जुड़े होने के कारण दोनों परिवारों में अच्छी जान-पहचान थी।
इसी दौरान राजकुमार की मुलाकात वीरेंद्र के रिश्तेदार पवन रस्तोगी निवासी राजाजीपुरम, उसके साले सुधीर सोनी निवासी गोसाईंगंज, प्रदीप मिश्र उर्फ बउवा पंडित और विवेक रस्तोगी से हुई। पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2024 से अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने जेवर गिरवी रखकर उनसे कुल 13.75 लाख रुपये उधार लिए। तय समय बीतने के बाद भी न तो जेवर छुड़ाए गए और न ही उधार की रकम लौटाई गई।
फर्जी चेक देकर टालने की कोशिश, शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
राजकुमार वर्मा के अनुसार, लगातार तकादा करने पर दिसंबर 2025 में पवन रस्तोगी ने भुगतान के लिए एक चेक दिया। जब चेक बैंक में लगाया गया तो वह फर्जी होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने शुक्रवार को चौक कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद चौक पुलिस ने पवन रस्तोगी, वीरेंद्र रस्तोगी, प्रदीप मिश्र उर्फ बउवा पंडित और विवेक रस्तोगी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
