नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भारी भीड़ के चलते मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित पदयात्रा का कार्यक्रम बदलना पड़ा। गठबंधन के 23 दलों के प्रमुख नेता खुले वाहनों के काफिले में रैली स्थल की ओर बढ़े। भीड़ इतनी अधिक थी कि करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें डेढ़ घंटे लग गए।
रैली में शामिल होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं का जमावड़ा लगा। यहां से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी, एनसीपी (शरद) की सुप्रिया सुले, राजद नेता तेजस्वी यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ नेता एक ही बस में सवार होकर रवाना हुए। बस में राहुल गांधी सबसे आगे बैठे थे।
एक बस में सवार दिखे विपक्ष के कई दिग्गज नेता
बस में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत गठबंधन के कई अन्य नेता भी मौजूद थे। इसके बाद विपक्षी नेता खुले वाहनों के काफिले के साथ मिंटो रोड पहुंचे।
कार्यक्रम के मुताबिक मिंटो रोड से राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत प्रमुख नेताओं को पैदल मार्च करते हुए रामलीला मैदान पहुंचना था। हालांकि, रास्ते में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा होने के कारण पदयात्रा नहीं हो सकी। ऐसे में नेताओं को खुले वाहनों के जरिए धीरे-धीरे रैली स्थल तक पहुंचना पड़ा।
एक किलोमीटर के रास्ते में लगे डेढ़ घंटे
मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक सड़क पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। भीड़ के कारण नेताओं के वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग गया।
