लखनऊ अग्निकांड: पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

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लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. केजीएमसी ने सभी मौतों की पुष्टि की है.

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. केजीएमसी के डॉक्टर डॉ प्रेम राज सिंह ने 15 लोगों की मौत की पुष्टि की है. मरने वालों में 12 पुरुष 3 महिलाएं शामिल हैं. इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि वह लखनऊ में आग लगने की घटना में लोगों की मौत से बेहद दुखी हैं. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. वहीं घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव अभियान जारी है तथा स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है.

लखनऊ में कैसे हुआ हादसा?

सोमवार को अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक इमारत में अचानक आग लग गई. बताया गया कि नीचे एक दुकान थी जबकि ऊपर गेमिंग जोन संचालित किया जा रहा था. आग तेजी से फैलने के कारण पूरी इमारत धुएं से भर गई और कई लोग अंदर फंस गए.

 

फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया. कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन हादसे में 15 लोगों की जान चली गई. घटना के कारणों की जांच की जा रही है.

घटनास्थल पर पहुंचे ब्रजेश पाठक, बोले- बहुत दुखद है हादसा

हादसे के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि इमारत के अंदर काफी धुआं भरा हुआ था और फायर ब्रिगेड की टीम एक-एक सामान हटाकर जांच कर रही है.

ब्रजेश पाठक ने कहा कि यहां बच्चे कार्टून और एनिमेशन बनाना सीखने आते थे. उनके मुताबिक आग लगने के बाद कई बच्चे पीछे की तरफ भागे, लेकिन धुएं की वजह से बाहर नहीं निकल सके. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि राहत टीम को अंदर पहुंचने के लिए दीवार तक तोड़नी पड़ी. इस दौरान डिप्टी सीएम इमोशनल दिखे, उन्होंने मीडिया के सामने आंसू भी पोछे.