दांतों में ठंडी चीजों से होने वाली तेज झनझनाहट और दर्द की वजह एक खास प्रोटीन

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(www.arya-tv.com)आइसक्रीम खाने या कोल्ड ड्रिंक पीते वक्त दांतों में झनझनाहट और तेज दर्द से सभी वाकिफ हैं। ठंडे-गर्म की वजह से दांतों से जुड़ी ये तकलीफ अक्सर लोगों को परेशान करती थी। हालांकि शोधकर्ताओं को पता है कि इस समस्या से दांतों की बाहरी सुरक्षात्मक परत को नुकसान होता है, लेकिन वे अब तक नहीं जान नहीं पाए थे कि यह दांत की नसों तक कैसे पहुंचता है।

जर्नल साइंस एडवांस में छपे एक शोध के मुताबिक बायोलॉजिस्ट ने अब इस तेज और अचानक होने वाले दर्द का कारण खोज लिया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसका मुख्य कारण एक खास तरह का प्रोटीन है, जो दांतों के अंदर कोशिकाओं की सतह में होता है। उनके मुताबिक, इस जानकारी से जल्द ही इस खास तरह के दर्द का उपचार खोजा जा सकेगा।

करीब एक दशक पहले जर्मनी की फ्रेड्रिक एलेक्जेंडर यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. कैथरीना जिमरमैन ने बताया था कि कोशिकाएं एक खास तरह का प्रोटीन जिसे टीआरपीसी-5 कहते हैं, बनाती हैं जो ठंड के प्रति संवेदनशील होता है। जब इनका ठंडी चीजों से संपर्क होता है, तो यह एक चैनल बनाकर कणों को झिल्ली के पार प्रवाहित होने लगता है।

डॉ. जिमरमैन के मुताबिक, ये प्रोटीन (टीआरपीसी-5) कण पूरे शरीर में प्रवाहित होने लगते हैं और इसी वजह से झनझनाहट जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी आंखें सर्द हवा में ठंडी या शुष्क महसूस करने लगती है, तो यह कॉर्निया में प्रोटीन कणों के सक्रिय होने का ही परिणाम है।

इसी नतीजे के बाद जिम्मरमैन इस नतीजे पर पहुंचीं कि शरीर के अन्य हिस्सों में भी टीआरपीसी-5 जैसे ठंडे रिसेप्टर का उपयोग हो सकता है, जिसमें मानव शरीर के सबसे संवेदनशील ऊतकों में से एक दांत भी हो सकते हैं, जिनमें ठंड की अनुभूति होती है। कई लोगों में यह अनुभूति तेज और चुभने वाले दर्द की शक्ल में भी होती है, जो अब तक सबसे बड़ी समस्या बनी हुई थी।

विशेषज्ञों को अब तक पता नहीं था दांतों में ठंड पहुंचती कैसे है

अब तक, दांतों में ठंड कैसे पहुंचती है, जानने के लिए प्रचलित सिद्धांत यह था कि तापमान में बदलाव से दांतों के अंदर मौजूद तरल पदार्थ पर दबाव पड़ता है, जो छिपी हुई नसों में प्रतिक्रिया को सक्रिय करता है। लेकिन यह कैसे होता था, इस बारे में विस्तार से नहीं पता था। डॉ. जिमरमैन ने चूहों पर भी टीआरपीसी-5 प्रोटीन का असर देखा था।