सरोजनीनगर, लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में आयोजित “क्राइम सीन मैनेजमेंट” कोर्स के चौथे बैच का समापन समारोह शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह रहे। संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी, आईजी राजीव मल्होत्रा और डीआईजी हेमराज मीना ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया।
- शैक्षणिक विकास के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये की घोषणा
समारोह के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने संस्थान के शैक्षणिक विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का उपस्थित अधिकारियों और प्रशिक्षुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
- 98 पुलिस अधिकारियों ने लिया विशेष प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट और जनपदों से आए 98 पुलिस अधिकारियों ने 45 दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपराध स्थल प्रबंधन, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और आधुनिक जांच तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
- ‘डिजिटल हो या फिजिकल, अपराधी साक्ष्य छोड़ता ही है’
अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में फॉरेंसिक विज्ञान अपराध जांच की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि चाहे अपराध डिजिटल हो या भौतिक, अपराधी किसी न किसी रूप में साक्ष्य अवश्य छोड़ता है। ऐसे में जांच अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे वैज्ञानिक तरीकों से उन साक्ष्यों को खोजकर न्याय सुनिश्चित करें।
- साइबर और आर्थिक अपराधों पर जताई चिंता
डॉ. सिंह ने कहा कि आर्थिक अपराध और साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की जांच में तकनीकी साक्ष्य, आईपी एड्रेस और डिजिटल डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और तकनीकी जांच का होगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का बढ़ रहा महत्व
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आधुनिक युद्धों में ड्रोन, मिसाइल और तकनीकी संसाधनों की बढ़ती भूमिका इसका उदाहरण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने का आह्वान किया।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
संयुक्त परीक्षा में राकेश प्रसाद ने प्रथम, राहुल सिंह ने द्वितीय और सचिन कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समारोह में तीनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
- ‘फॉरेंसिक साक्ष्य कभी झूठ नहीं बोलते’
संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि गवाह बदल सकते हैं, लेकिन फॉरेंसिक साक्ष्य कभी झूठ नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए और इसमें वैज्ञानिक जांच की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- विश्व पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने संस्थान परिसर में अधिकारियों के साथ वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
- अनेक अधिकारी और विशेषज्ञ रहे उपस्थित
कार्यक्रम में उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रीति, डॉ. श्रुतिदास गुप्ता, डॉ. वाष्णेय, डॉ. मनीष राय, डॉ. स्नेहा, स्नेहिल, डॉ. नेहा, डॉ. पलक अनेजा, शैलेन्द्र सिंह, अमर सिंह और कार्तिकेय श्रीवास्तव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया।
