डॉ. राजेश्वर सिंह : 10 हजार से अधिक किसान का महासंगम, अन्नदाताओं के हितों की आवाज मजबूत करेंगे

Lucknow
  • 10 हजार से अधिक किसान का महासंगम, अन्नदाताओं के हितों की आवाज मजबूत करेंगे डॉ. राजेश्वर सिंह
  •  किसान परिवारों की शिक्षा-सुरक्षा, कृषि में निवेश और युवाओं के कौशल विकास पर जोर
  •  प्रत्येक दो माह में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान संगठनों की समीक्षा बैठक के लिए मुख्यमंत्री जी से करेंगे आग्रह

लखनऊ। डिफेंस एक्सपो परिसर में भारतीय किसान क्रांति यूनियन द्वारा आयोजित विशाल किसान महापंचायत में प्रदेशभर से 10,000 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने, किसान परिवारों की अगली पीढ़ी को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा कृषि को आधुनिक तकनीक और निवेश से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन और शासन के बीच नियमित संवाद की आवश्यकता भी रेखांकित की।

  • 10,000 से अधिक किसानों का महासंगम

डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारतीय किसान क्रांति यूनियन की संगठनात्मक सक्रियता और किसान हितों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का एक मंच पर एकत्र होना उनकी एकजुटता और जागरूकता का परिचायक है। किसान संगठनों की भूमिका केवल समस्याएँ उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए निरंतर संवाद और प्रभावी पैरवी करना भी है। उन्होंने किसान प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को संबंधित विभागों और शासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।

  • किसान परिवारों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

विधायक ने किसानों को देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम का सम्मान उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर सुनिश्चित करके किया जाना चाहिए। उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए पेंशन और ऋण व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति, साइकिल और लैपटॉप जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के विषय को शासन के समक्ष उठाने की बात कही। डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर में अब तक 2,000 मेधावी विद्यार्थियों को जाति और धर्म से परे साइकिल एवं लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया है।

  • कृषि को आधुनिकता और निवेश से जोड़ने का संकल्प

डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रत्येक जिले में किसान परिवारों के युवाओं के लिए कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर, डिजिटल तकनीक, बाजार प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और कृषि आधारित उद्योगों का प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए रास्ते खोल सकता है। कृषि क्षेत्र में एग्रीटेक कंपनियों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और कृषि आधारित स्टार्टअप्स के निवेश को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता भी बताई, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर मिल सकें।

  • तकनीकी कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण से आएगी बदलाव की क्रांति

डॉ. राजेश्वर सिंह ने महापंचायत में बोलते हुए कहा कि तकनीकी कौशल ग्रामीण युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गन्ना मूल्य भुगतान पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक ₹3 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान समयबद्ध तरीके से किया गया है। फसल क्षति के तकनीक आधारित आकलन, खाद-बीज की उपलब्धता और छुट्टा पशुओं से फसल सुरक्षा के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं और उनके संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही, आलू उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएँ, उचित मूल्य और उनकी उपज के प्रभावी प्रबंधन के लिए भी व्यापक प्रयास किए गए हैं।

किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह करेंगे कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हर दो माह पर किसान संगठनों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में किसानों की समस्याओं, लंबित मामलों और विभागीय कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा हो, ताकि समाधान की दिशा में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

सम्मेलन में भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष  धर्मेंद्र यादव (बबलू), प्रदेश उपाध्यक्ष  राजेश द्विवेदी, महासचिव  नरेश यादव, राष्ट्रीय संयोजक  मोहन सिंह मोना, ब्रज प्रदेश अध्यक्ष  योगेश यादव,  उमेश गुप्ता सहित संगठन के पदाधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सम्मेलन में शामिल किसानों और संगठन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए किसान हितों की रक्षा, कृषि विकास और किसान परिवारों की अगली पीढ़ी के सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता दोहराई।