मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चों के लिए ‘हॉट कुक्ड मील’ योजना का शुभारम्भ किया

Lucknow
  • 402 करोड़ 67 लाख रु0 की लागत से 35 जनपदों के 3,401 आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों का शिलान्यास, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ किट तथा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को श्रीअन्न की ‘पोषण थाली’ का वितरण
  • मुख्यमंत्री ने बच्चों को भोजन परोसा और खिलौने वितरित किए
  • रिजर्व पुलिस लाइन, अयोध्या में पुलिसकर्मियों की आवासीय सुविधा हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का लोकार्पण
  • द्वापर युग में माता यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण का बचपन में पालन पोषण किया, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां सौभाग्यशाली हैं, क्योंकि उन्हें ऐसे अनेक कान्हाओं की सेवा और पोषण का अवसर प्राप्त हो रहा : मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भारत के बचपन को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे, विगत 06 वर्षों में प्रदेश में पोषण के क्षेत्र में बेहतर सुधार देखने को मिला
  • प्रदेश के लगभग 01 लाख 90 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वर्तमान में 02 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत
  • ‘हॉट कुक्ड मील’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 03 से 06 वर्ष आयु के लगभग 80 लाख पंजीकृत बच्चों के लिए गर्म बना हुआ भोजन निर्धारित मेन्यू के माध्यम से परोसा जाएगा
  • अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण में प्रदेश की लगभग 60 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कार्य कर रही
  • प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया गया
  • बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिशन कायाकल्प के माध्यम से बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया
  • रिजर्व पुलिस लाइन अयोध्या में पुलिस कर्मियों की आवासीय सुविधा हेतु लोकार्पित भवन सभी सुविधाओं से युक्त
  • मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला तथा श्री हनुमानगढ़ी का दर्शन-पूजन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं। द्वापर युग में माता यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण का बचपन में पालन पोषण किया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां सौभाग्यशाली हैं, क्योंकि उन्हें ऐसे अनेक कान्हाओं की सेवा और पोषण का अवसर प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनपद अयोध्या के कम्पोजिट विद्यालय पुलिस लाइन में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ‘हॉट कुक्ड मील’ योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 402 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से 35 जनपदों में निर्मित होने वाले 3,401 आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों का शिलान्यास, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ किट तथा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को श्रीअन्न की ‘पोषण थाली’ का वितरण किया। उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन, अयोध्या में पुलिसकर्मियों की आवासीय सुविधा हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में ‘हॉट कुक्ड मील’ योजना से संबंधित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत के बचपन को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वह आज सार्थक रूप लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। श्री रामलला 500 वर्षों के पश्चात 22 जनवरी, 2024 को अयोध्याधाम में स्वयं के मंदिर में विराजमान होंगे। श्री रामलला के विराजमान होने के पूर्व आज इस शुभ कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या से हो रही है।
प्रदेश के लगभग 01 लाख 90 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वर्तमान में 02 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनके पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार हेतु बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा छह प्रकार की सेवाएं जैसे-अनुपूरक पुष्टाहार, शाला पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, संदर्भन सेवाएं, टीकाकरण, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा विकासखंड स्तर पर अनुपूरक पुष्टाहार तैयार किए जाने हेतु अनुपूरक पुष्टाहार उत्पादन इकाइयां स्थापित की गई हैं। वर्तमान में 201 उत्पादन इकाइयां संचालित हैं, जिनके माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों को क्षेत्रीय स्तर पर तैयार फोर्टिफाइड अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण में प्रदेश की लगभग 60 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कार्य कर रही हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 402 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से 3,401 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का शिलान्यास किया जा रहा है। इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वयं के भवन उपलब्ध होंगे। जिससे प्री-प्राइमरी के रूप में बच्चों की देखभाल, पोषण, खेलकूद सहित विभिन्न गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता प्राप्त होगी। अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया गया है। वह अपनी प्रतिदिन की गतिविधि को स्मार्टफोन के माध्यम से अपलोड करेगी, तो इसके बेहतरीन परिणाम हम सबके सामने आएंगे। केंद्र और राज्य सरकार अपने-अपने स्तर पर सर्वे करती है। सर्वे से तैयार रिपोर्ट में पंचायती राज, स्वास्थ्य, नगर विकास, बेसिक शिक्षा आदि विभागों से प्राप्त आंकड़े समाहित होते हैं। सरकार की विभिन्न एजेंसियां भी अलग-अलग समय में कार्य करती हैं। प्राप्त परिणामों से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा की गई मेहनत का पता चलता है। सदैव इस बात पर ध्यान देना चाहिए की जो कार्य कर रहे हैं उसके परिणाम बेहतर हों। आप सभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्री-प्राइमरी के रूप में आंगनबाड़ी केंद्रों को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 06 वर्षों में प्रदेश में पोषण के क्षेत्र में बेहतर सुधार देखने को मिला है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 (एन0एफ0एच0एस0-4) (वर्ष 2015-16) की तुलना में एन0एफ0एच0एस-5 (वर्ष 2019-21) में बच्चों में एनीमिया के स्तर में 5.1 प्रतिशत का सुधार, स्टंटिंग में 6.6 प्रतिशत का सुधार, अल्प वजन में 7.4 प्रतिशत का सुधार तथा सूखापन में 0.6 प्रतिशत का सुधार हुआ है। वर्ष 2023-24 का परिणाम राष्ट्रीय औसत से बेहतर आने का अनुमान है। प्रदेश में वर्ष 2016 में शिशु मृत्यु दर 43 थी, जो वर्ष 2020 में घटकर 38 हुई है। इसे और कम करने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिशन कायाकल्प के माध्यम से बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया है। इनमें बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल, स्मार्ट क्लास आदि सुविधाएं सम्मिलित हैं। प्रदेश सरकार बच्चों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि उपलब्ध करा रही है। पूर्व की तुलना में मिड-डे-मील योजना में भी काफी सुधार देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में रिजर्व पुलिस लाइन अयोध्या में पुलिस कर्मियों की आवासीय सुविधा हेतु लगभग 23 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से निर्मित दो भवनों का लोकार्पण किया गया है। 12-12 मंजिलों वाले यह भवन सभी सुविधाओं से युक्त हैं। इन भवनों का शिलान्यास 06 मार्च, 2020 को किया गया था। समयबद्ध तरीके से इनका निर्माण किया गया है। इसी प्रकार की सुविधा प्रदेश की सभी पुलिस लाइन में उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ज्यादातर पुलिस लाइनों में निर्माण किया जा चुका है। थाना स्तर पर भी पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा हेतु कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले इंसेफेलाइटिस के बहुत सारे मामले आते थे। प्रतिवर्ष इस बीमारी से लगभग 1200 से 1500 बच्चों की मृत्यु हो जाती थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्य जुलाई से लेकर मध्य नवंबर तक लोग भयभीत रहते थे। स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाकर अंतरविभागीय समन्वय के माध्यम से इस बीमारी के खिलाफ अभियान चलाया गया। परिणाम स्वरूप जो बीमारी 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक बच्चों को निगल गई, उसे मात्र चार वर्षो में नियंत्रित कर दिया गया। आज प्रदेश में इंसेफेलाइटिस का कोई भी मामला नहीं है।
कार्यक्रम को महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य और महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने भी संबोधित किया।