‘गुंडा’ करार देने के लिए इक्का-दुक्का अपराध के मामले काफी नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में कहा है कि महज एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर व्यक्ति को उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत “गुंडा” के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। बुलंदशहर जिले के अधिकारियों ने व्यक्ति को छह माह के लिए जिले से निर्वासित करने का आदेश दिया […]
Continue Reading