ई-सेशन के लिए MHRD के साथ आया बी.एस.डी.यू.

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  • ई-सेशन के लिए एच.आर.डी.के साथ आया बी.एस.डी.यू.
  • विद्यार्थियों को ई-सेशन का लाभ दिलाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) को जोड़ा अपने साथ
  • फिजिकल एक्टिविटीज के स्थान पर अब होंगी ई-एक्टिविटीज
  • ई-सेशन का विवरण आईआईआईसी की वेबसाइट (https://mic.gov.in/iicwebinar.php) से हासिल किया जा सकता है

(www.arya-tv.com)जयपुर , भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एआईसीटीई ने देशभर के अन्य इंस्टीट्यूशंस ऑफ इनोवेशन काउंसिल्स (आईआईसी) के साथ भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स को अपने साथ जोड़ने का एलान किया है। बीएसडीयू ने इस जुड़ाव पर खुशी जाहिर की है। यह जुड़ाव उन छात्रों के लिए ई-सेशन शुरू करने से संबंधित है, जो कोविड- 19 के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण नियमित कक्षाओं में भाग नहीं ले पा रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ऐसे छात्रों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ई-एक्टिविटीज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी निर्देशों के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सभी उच्च शिक्षा संस्थान फिलजाल बंद हैं जिसके कारण इंस्टीट्यूशंस ऑफ इनोवेशन काउंसिल्स अपनी कैलेंडर गतिविधियों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं।

एहतियाती उपाय के रूप में और भारत सरकार के निर्देशों की अनुपालना में एमआईसी ने कैलेंडर वर्ष 2019-2020 के लिए 15 ई-सेशन आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है। ये ई-सेशन इनोवेशन, आईपीआर, उद्यमिता और स्टार्टअप के विभिन्न विषयों पर आयोजित किए जाएंगे और इस तरह लॉक डाउन अवधि के दौरान समय और संसाधनों का उपयोग किया जा सकेगा।
एमएमआईसी के प्रयासों के साथ, एमएचआरडी ने 1800 से अधिक एचईआई परिसरों में सुव्यवस्थित और मजबूत इनोवशन और एंटरप्रेन्योरशिप ईको सिस्टम की स्थापना के लिए एक बहुत ही सफल मॉडल बनाया गया है। इनबिल्ट रिवॉर्ड मैकेनिज्म के साथ एक विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से एचईआई के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल कायम करने का प्रयास किया गया है।

संकट के वर्तमान दौर में इनोवेशन समय की जरूरत है और इसलिए हमें निरंतर इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहना होगा, खासकर तब जब हम अपने आईआईसी कैलेंडर को पूरा करने से एक चैथाई दूर हैं।

इस दिशा में ई-एक्टिविटीज के रूप में हमारे 15 ई-सेशन जो 28 अप्रैल 2020 (मंगलवार) से शुरू होंगे, क्यू 3 और क्यू 4 की फिजिकल एक्टिविटीज का स्थान लेंगे। इसके अलावा, क्यू 3 और क्यू 4 दोनों को एक में विलय कर दिया जाएगा। इन ई-एक्टिविटीज के बारे में रिपोर्ट आईआईसी पोर्टल पर प्रस्तुत की जाएगी। ये गतिविधियाँ आईआईसी-एमआईसी द्वारा आयोजित की जा रही हैं।
इसके अलावा, इन ई-सत्रों के लिए नामांकन बिना किसी पूर्व पंजीकरण के पूरी तरह से निशुल्क है और इसे किसी भी स्मार्ट फोन, लैपटॉप या डेस्कटॉप से एक्सेस किया जा सकता है।

ई-सेशन का विवरण आईआईआईसी की वेबसाइट (https://mic.gov.in/iicwebinar.php) से हासिल किया जा सकता है। ये सेशन एमएचआरडी के इनोवेशन सैल यूट्यूब चैनल पर लाइव होंगे ।
सेशन के उपरांत प्रतिभागी पीपीटी डाउनलोड कर सकते हैं और ई-भागीदारी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें उस विशेष ई-सत्र के संचालन की तारीख से 4 कार्य दिवसों के भीतर ई-मूल्यांकन फॉर्म जमा कराना आवश्यक होगा (आईआईसी कैलेंडर वर्ष 2019-20 के अंत तक यानी जून 2020 तक जारी किया जाएगा)। संकाय, छात्र और गैर-शिक्षण कर्मचारी ई-सत्र में शामिल हो सकते हैं।

ये सभी ई-गतिविधियाँ आईआईसी कैलेंडर या एमआईसी प्रेरित गतिविधियों के अनुसार निर्धारित हैं और आईआईसी- संस्थानों को स्कोर और स्टार आवंटन के लिए इनका मूल्यांकन किया जाएगा। बीएसडीयू के प्रो चांसलर ब्रिगेडियर डॉ. एस.एस. पाब्ला ने कहा, वर्तमान संकटपूर्ण दौर में समय का सदुपयोग करते हुए हम आईआईसी के प्रयासों के साथ इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप ईको सिस्टम को सुव्यवस्थित कर रहे हैं।

बीएसडीयू के उप कुलपति प्रो अचिंत्य चौधरी ने कहा, ‘‘कोविड- 19 के कारण लागू लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति का सामना करने वाले युवाओं की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए हम एमएचआरडी के निर्देशन में लगातार इस बात का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें अपने घर पर ही सर्वश्रेष्ठ संभव ज्ञान प्राप्त हो सके। एहतियाती उपायों के रूप में हम फिजिकल एक्टिविटीज को ई-एक्टिविटीज के साथ बदलने की कोशिश कर रहे हैं।‘‘

स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ रवि गोयल ने कहा, ऐसे मुश्किल दौर में जबकि हम सब महामारी से लड़ने के लिए देशव्यापी लाॅकडाउन की पालना कर रहे हैं, ऐसी स्थितियों में हमने बीएसडीयू में छात्रों के लिए ई-गतिविधियों को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास किया है, ताकि नियमित कक्षाओं में भाग नहीं लेने के कारण उन्हें जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई की जा सके।

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे में

2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2020 तक 36 कौशल स्कूलों को स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।

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