37 ऐतिहासिक मंदिरों को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर लाएगी योगी सरकार

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(www.arya-tv.com)अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे रामलला के मंदिर के साथ-साथ अयोध्या के अन्य मंदिरों को भी विश्व के पर्यटन के मानचित्र पर लाने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग ने 37 मंदिरों की सूची तैयार कर उन्हें विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। अब केंद्र सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा। यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव के लिहाज से सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंदिरों के अलावा अयोध्या नगर निगम दो करोड़ की लागत से अयोध्या की 84 कोस की सीमा के भीतर मौजूद 108 कुंड और सरोवरों का विकास करने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें से सूर्यकुंड व भरत कुंड का विकास कार्य चल रहा है। भगवान सूर्य के वंश में ही श्रीराम का जन्म हुआ था। भरतकुंड वह स्थान है जहां श्रीराम के वनगमन के बाद उनकी पादुका को रख उनके भाई भरत ने 14 वर्षों तक अयोध्या का शासन संभाला। नगर निगम यह कार्य पर्यटन विभाग के सहयोग से कर रहा है।ऐतिहासिक मंदिरों को सूची में किया गया है शामिल इस सूची में शामिल प्रमुख मंदिरों में विष्णुहरि मंदिर अयोध्या के स्वर्गद्वार क्षेत्र में है और वर्तमान समय में यह कालेराम मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। रामकोट क्षेत्र के रतन सिंहासन और राम कचेहरी मंदिर भी श्रीराम की लीला से जुड़े माने जाते हैं। धर्महरि व चंद्रहरि मंदिर भगवान विष्णु से जुड़े हैं। सरयूतट के कच्चाघाट पर मौजूद तपस्वी करतिलया बाबा का आश्रम भी इस सूची में शामिल किया गया है।

नागेश्वरनाथ मंदिर, छोटी देवकाली और राधाकृष्ण मंदिर शामिल
इसके अलावा नागेश्वरनाथ मंदिर, छोटी देवकाली व राधाकृष्ण मंदिर भी ऐतिहासक होने के कारण पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। माना जाता है कि नागेश्वरनाथ की स्थापना श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। जबकि छोटी देवकाली जनकपुर की सर्वमंगला पार्वती देवी हैं जो विवाह के बाद सीता जी के साथ अयोध्या आ गई थीं। इन्हें यहां पर राजा दशरथ ने ग्रामदेवी की मान्यता दी गई थी। छोटी देवकाली अयोध्या के प्रमुख पांच मंदिरों में शामिल है।

पर्यटकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि वैदिक रीति रिवाज से कुंडों की सफाई कर उनका पानी साफ किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि अयोध्या आने वाले पर्यटकों के लिए अयोध्या में कम से कम तीन दिनों तक रहकर घूमने की अनुकूल व्यवस्था हो। इतना ही नहीं सहजता के साथ पर्यटक इन स्थानों पर न केवल पहुंच सकें बल्कि उन्हें वहां पहुंचकर धार्मिकता का अनुभव हो।

अयोध्या से चित्रकूट तक योगी सरकार बनवाएगी रही राम वनगमन पथ

  • योगी सरकार ने भगवान राम के वनगमन मार्ग का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। जिन रास्तों से होकर प्रभु श्री राम वनवास गए थे, उन रास्तों के विकास के लिए वनगमन मार्ग का ना सिर्फ ड्राफ्ट तैयार हो चुका है बल्कि राम वन गमन मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर रामायणकालीन वृक्षों की वाटिका भी स्थापित होगी। सीएम योगी ने गुरुवार को वृक्षारोपण जन आन्दोलन-2021 को लेकर समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया।
  • यूपी सरकार ने व्यापक जनसहभागिता से 30 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राम वन गमन मार्ग पर आस-पास की ग्राम सभाओं की भागीदारी से राम वन गमन मार्ग के किनारे रामायणकालीन प्रजातियों के पौधें लगाए जायेंगे।

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