दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग 13-बी पर सोमवार को साप्ताहिक बाजार और ट्रेनों के लगातार आवागमन के चलते भीषण जाम लग गया। सुबह से शुरू हुई जाम की समस्या ने राहगीरों और वाहन चालकों को परेशान कर दिया। करीब 50 मिनट तक रेलवे फाटक बंद रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हालात ऐसे हो गए कि एंबुलेंस, बाइक सवार और ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी भी जाम में फंस गए।
सुबह 9:30 बजे बंद हुआ फाटक, 10:38 बजे खुला
सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे बंद हुआ फाटक करीब 10:38 बजे खुल सका। करीब 50 मिनट तक फाटक बंद रहने से हरीगंज बाजार तिराहे से नहर बाजार की ओर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। एंबुलेंस, बाइक सवार और ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी भी जाम में फंसे रहे। साप्ताहिक बाजार के कारण पहले से ही सड़क पर वाहनों का दबाव था। ऐसे में ट्रेनों के लगातार आवागमन ने समस्या को और बढ़ा दिया।
ट्रेनों की धीमी रफ्तार से बढ़ा वाहनों का दबाव
दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग की डाउन लाइन पर 30 किमी प्रतिघंटा के कॉशन के चलते ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही, जिससे फाटक पर वाहनों का दबाव बना रहा। फाटक खुलने के बाद भी जाम पूरी तरह नहीं खुल सका। करीब 10:42 बजे फाटक दोबारा बंद करने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़क पर वाहनों की अधिक संख्या के कारण फाटक बंद नहीं हो सका।
हूटर बजता रहा, पुलिसकर्मियों ने संभाली स्थिति
रेलवे फाटक बंद करने के प्रयास के दौरान हूटर बजने के बावजूद हूटर बजने के बावजूद आरपीएफ, सिविल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को हटवाया। करीब 10:53 बजे नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन आउटर पर खड़ी रही। डाउन लाइन से मालगाड़ी निकाली गई।
आउटर पर खड़ी रही महामना एक्सप्रेस रोकी
रेलवे मार्ग पर जाम और परिचालन की स्थिति का असर ट्रेनों पर भी पड़ा। जबकि महामना एक्सप्रेस को भी करीब चार मिनट आउटर पर रोकना पड़ा। सुबह से शाम तक क्षेत्र में जाम की स्थिति बनी रही।
सुबह से शाम तक बनी रही जाम की समस्या
रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों की अधिक संख्या, साप्ताहिक बाजार और ट्रेनों की आवाजाही के चलते क्षेत्र में सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे फाटक पर बार-बार यातायात बाधित होने से क्षेत्र में सुचारु आवागमन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
