आर्यकुल में राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को किया नमन, रजिस्ट्रार ने दिलाई एकता की शपथ

Lucknow

लखनऊ। आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में शनिवार को लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर विशेष प्रातःकालीन सभा आयोजित कर सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

  • रजिस्ट्रार ने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को दिलाई शपथ

कार्यक्रम में महाविद्यालय के रजिस्ट्रार सुदेश कुमार तिवारी ने शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। सभी ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।

  • सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा की प्रेरणा : डॉ. सशक्त सिंह

आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डॉ. सशक्त सिंह ने अपने संदेश में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से देशी रियासतों का एकीकरण कर स्वतंत्र भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण और अदम्य साहस आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

  • विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम में सरदार पटेल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और स्वतंत्र भारत के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रीय मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।

  • शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित

इस अवसर पर रजिस्ट्रार सुदेश कुमार तिवारी, प्राचार्य डॉ. अंकिता अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आदित्य सिंह,  डॉ. अब्दुल रब खान, डॉ. रेखा सिंह, फार्मेसी एवं अनुसंधान विभागाध्यक्ष बीके सिंह, शिक्षा संकाय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर सुभाष चन्द्र तिवारी, प्रणव पाण्डेय, डॉ. काशिफ शकील, वर्तनी श्रीवास्तव, डॉ. अनिल त्रिपाठी, दीप्ति सिंह चौहान, राजेश मौर्य, संगीता मौर्य, स्वर्णिम श्रीवास्तव, सदब, वर्तिका सिंह, साकिब अंसारी, प्रशंसा सिंह, शशिकांत चौहान, स्नेहा सिंह, ललिता वर्मा, स्वाति कनौजिया, सगफ ज़ेहरा और काजल मौर्य सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण और नागरिक दायित्वों के निर्वहन के संकल्प के साथ हुआ।