14 लाख की उधारी और प्रेम प्रसंग में दोस्तों ने ही रची नीतेश की हत्या की साजिश, 5 लाख में दी थी सुपारी

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बाराबंकी में पैसों के लेन-देन और प्रेम संबंधों की रंजिश के चलते नीतेश मौर्य की हत्या कर दी गई। कारोबारी साथी मनोज और उसके साथियों ने 5 लाख की सुपारी देकर नीतेश को रास्ते से उठाया और सीतापुर ले जाकर उसका गला रेत दिया। पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम की मदद से चार आरोपियों को स्विफ्ट कार के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

भरोसे के रिश्ते में धोखा और 14 लाख की हेराफेरी

भरोसे के रिश्ते में धोखा, कारोबार में लाखों की हेराफेरी और प्रेम संबंधों की रंजिश…इन सबने मिलकर एक युवक की जिंदगी छीन ली। जिस कारोबारी साथी के साथ नीतेश मौर्य धान खरीद का काम करता था, उसी पर उसके 14 लाख रुपये हड़पने और धान खरीद में 10 लाख रुपये की कथित हेराफेरी करने का आरोप है। अपना पैसा वापस मांगना नीतेश के लिए जानलेवा साबित हुआ। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी विवाद और एक महिला से जुड़े प्रेम संबंधों की रंजिश में उसके ही परिचितों ने हत्या की साजिश रची। पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई और नीतेश को रास्ते से उठाकर उसकी हत्या कर दी गई।

बाराबंकी पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा

बाराबंकी पुलिस ने नीतेश मौर्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 29 अक्टूबर को बड्डूपुर थाना क्षेत्र में नीतेश को कार में बैठाया और सीतापुर के पिसावां क्षेत्र में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।

कारोबारी विवाद और प्रेम संबंधों की रंजिश

पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, सीतापुर के सरेया महिपतपुर निवासी नीतेश मौर्य ने आरोपी मनोज मौर्य के साथ धान खरीद का कारोबार किया था। मनोज पर नीतेश से आरओ प्लांट लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये लेने और धान खरीद के हिसाब में 10 लाख रुपये की हेराफेरी कर रकम हड़पने का आरोप है। नीतेश लगातार अपना पैसा वापस मांग रहा था। पुलिस का कहना है कि रकम लौटाने के दबाव के चलते मनोज ने अपने साथी अंकित गुप्ता के साथ मिलकर नीतेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

महिला से बातचीत को लेकर भी थी दुश्मनी

पुलिस के अनुसार, नीतेश के एक महिला से प्रेम संबंध थे। अंकित गुप्ता भी उस महिला से बातचीत करता था। इसी बात को लेकर भी रंजिश थी। कारोबारी लेनदेन के विवाद और प्रेम संबंधों से जुड़ी इसी कथित दुश्मनी ने हत्या की साजिश को जन्म दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मनोज और अंकित ने मिलकर नीतेश की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम देने के लिए दूसरे लोगों को भी शामिल किया।

पांच लाख रुपये में तय हुई थी सुपारी

पुलिस के मुताबिक, मनोज मौर्य ने दीपु उर्फ दिलीप कुमार वर्मा को पांच लाख रुपये में नीतेश की हत्या करने के लिए तैयार किया। इसके बाद दीपु ने अमरेन्द्र व दो अन्य लोगों को वारदात में शामिल होने के लिए राजी किया। पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को नीतेश मोटरसाइकिल से लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहा था। रास्ते में उसकी गतिविधियों की जानकारी एक महिला ने फोन के जरिए अंकित गुप्ता को दी थी।

रास्ते से उठाया और सीतापुर में रेता गला

पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपियों ने बड्डूपुर क्षेत्र में डफरपुर के आगे डॉ. राजेंद्र प्रसाद हॉस्पिटल के पास नीतेश को कार में बैठा लिया। उसकी मोटरसाइकिल और सिलेंडर सड़क किनारे छोड़ दिए गए। इसके बाद उसे सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र में पन्नू फैमिली रेस्टोरेंट से करीब 200 मीटर आगे एक ट्यूबवेल के पास ले जाया गया। वहां गला काटकर और मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस नीतेश को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्वाट और सर्विलांस टीम ने दबोचे चार आरोपी

घटना के संबंध में 29 अक्टूबर को बड्डूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी ने घटना के खुलासे के लिए टीमों का गठन किया। स्वाट, सर्विलांस और बड्डूपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने 31 अक्टूबर को मंगौली पुलिया के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अंकित गुप्ता निवासी सरेया कादीपुर, दीपु उर्फ दिलीप कुमार वर्मा निवासी फरीदपुर, अमरेन्द्र वर्मा निवासी शेखरूखेड़ा और मनोज मौर्य निवासी सरेया महिपतसिंह, सभी जनपद सीतापुर के निवासी हैं।

गिरफ्तारी के बाद आगे की विधिक कार्रवाई जारी

पुलिस के अनुसार, बरामद स्विफ्ट डिजायर कार दीपु उर्फ दिलीप कुमार वर्मा की है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि यह कार उसने घटना सेअर्जित धन से खरीदी थी। पुलिस ने कार को संबंधित मुकदमे में बरामदगी के रूप में दर्ज किया है। पुलिस की जांच में सामने आई यह कहानी कारोबार में कथित धोखाधड़ी, पैसों के विवाद और निजी रंजिश के खतरनाक मेल को उजागर करती है। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।