देश के शेयर बाजार और पूंजी बाजार के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ने निवेशकों के भारी उत्साह और रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी के साथ नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ को कुल 1.35 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह दुनिया भर के पूंजी बाजार के इतिहास में पहला मौका है, जब किसी single IPO को एक करोड़ से अधिक आवेदन मिले हों।
ग्लोबल मार्केट में बजा भारतीय बाजार का डंका
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ को कुल मिलाकर करीब 18 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। यदि एंकर निवेशकों की बोली को छोड़ भी दिया जाए, तो भी आम निवेशकों और संस्थानों की तरफ से 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम मांग दर्ज की गई। वहीं, जब एंकर निवेशकों द्वारा लगाए गए पैसों को इसमें शामिल किया जाता है, तो कुल निवेश मांग का आंकड़ा 6.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच जाता है।
निवेशकों के इस अभूतपूर्व भरोसे ने न सिर्फ भारतीय शेयर बाजार की ताकत को दुनिया के सामने साबित किया है, बल्कि देश में रिटेल निवेशकों की बढ़ती ताकत और बड़े कॉरपोरेट घरानों के प्रति उनके अटूट विश्वास को भी रेखांकित किया है।
आखिरी पांच घंटों में बना रिकॉर्ड
बोली प्रक्रिया के अंतिम दिन बाजार में जबरदस्त हलचल देखी गई। आईपीओ के बंद होने से करीब पांच घंटे पहले ही यानी दोपहर के समय ही आवेदनों का आंकड़ा 1 करोड़ के ऐतिहासिक पड़ाव को पार कर चुका था। शाम 7 बजे तक बोली लगाने की अंतिम सीमा खत्म होते-होते यह संख्या बढ़कर 1.35 करोड़ तक पहुंच गई।
इससे पहले भारत में सबसे ज्यादा आवेदन पाने का रिकॉर्ड ‘वारी एनर्जीज’ (Waaree Energies) के नाम था, जिसे लगभग 97 लाख आवेदन मिले थे। इसके अलावा ‘बजाज हाउसिंग फाइनेंस’ और ‘बीसीसीएल’ के आईपीओ भी अधिक आवेदन पाने की सूची में शामिल रहे हैं। लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स ने इन सभी पुराने रिकॉर्ड्स को काफी पीछे छोड़ते हुए नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है।
डिजिटल क्रांति और धीरूभाई अंबानी की विरासत से जुड़ाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो की इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे उसकी मजबूत बाजार स्थिति और डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका है। देश के कोने-कोने में फैली 4G और 5G सेवाओं, विशाल ग्राहक आधार और भविष्य की तकनीक पर कंपनी के फोकस ने हर वर्ग के निवेशक को आकर्षित किया है।
इस ऐतिहासिक क्षण को रिलायंस समूह के संस्थापक स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी के उस विजन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने आम भारतीयों को शेयर बाजार के जरिए संपत्ति निर्माण से जोड़ने का सपना देखा था। चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में जियो ने उस विजन को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
लिस्टिंग पर रहेंगी सभी की निगाहें
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों का यह भी कहना है कि आईपीओ को मिली रिकॉर्ड मांग अपने आप में लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में लगातार बढ़ोतरी की गारंटी नहीं होती है। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद कंपनी के शेयर का प्रदर्शन तात्कालिक बाजार परिस्थितियों, वैश्विक संकेतों, आने वाली तिमाहियों के वित्तीय नतीजों और निवेशकों की दीर्घकालिक अपेक्षाओं पर निर्भर करेगा।
इसके बावजूद, 1.35 करोड़ आवेदन और 6.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल मांग ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को भारतीय और वैश्विक वित्तीय इतिहास का एक अविस्मरणीय पड़ाव बना दिया है।
