उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के हित में न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन किया है। प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की नई दरें निर्धारित की गई हैं। इसके तहत श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस फैसले से प्रदेश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, इकाइयों और संबंधित अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ मिलेगा। मजदूरी की दरें अलग-अलग क्षेत्रों और श्रमिकों की कुशलता की श्रेणी के अनुसार तय की गई हैं।
यूपी में अब कितनी मिलेगी न्यूनतम मजदूरी?
श्रम विभाग की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के मुताबिक, न्यूनतम मजदूरी में संशोधन जनवरी से जून 2026 के औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 431 अंकों के आधार पर किया गया है। नई दरों के तहत गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद, नगर निगम वाले अन्य जनपदों और शेष जनपदों के लिए अलग-अलग मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है।
1. गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में मजदूरी की नई दरें
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 15,059 रुपये से बढ़कर 15,271.41 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 16,868 रुपये से बढ़कर 17,106.39 रुपये हो गई है।
| श्रमिक श्रेणी | पुरानी मजदूरी | नई मजदूरी | मासिक बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | ₹13,690 | ₹13,883.59 | ₹193.59 |
| अर्द्धकुशल | ₹15,059 | ₹15,271.41 | ₹212.41 |
| कुशल | ₹16,868 | ₹17,106.39 | ₹238.39 |
2. नगर निगम वाले अन्य जनपदों में नई दरें
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले अन्य जनपदों में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। यहां अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़कर 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 14,306 रुपये से बढ़कर 14,507.46 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,025 रुपये से बढ़कर 16,250.86 रुपये हो गई है।
| श्रमिक श्रेणी | पुरानी मजदूरी | नई मजदूरी | मासिक बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | ₹13,006 | ₹13,189.68 | ₹183.68 |
| अर्द्धकुशल | ₹14,306 | ₹14,507.46 | ₹201.46 |
| कुशल | ₹16,025 | ₹16,250.86 | ₹225.86 |
3. प्रदेश के अन्य जनपदों में कितनी बढ़ी मजदूरी?
प्रदेश के शेष जनपदों में भी अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में संशोधन किया गया है। अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,356 रुपये से बढ़ाकर 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 13,590 रुपये से बढ़ाकर 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों की 15,224 रुपये से बढ़ाकर 15,438.42 रुपये निर्धारित की गई है।
| श्रमिक श्रेणी | पुरानी मजदूरी | नई मजदूरी | मासिक बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | ₹12,356 | ₹12,530.25 | ₹174.25 |
| अर्द्धकुशल | ₹13,590 | ₹13,782.30 | ₹192.30 |
| कुशल | ₹15,224 | ₹15,438.42 | ₹214.42 |
श्रमिकों को देय परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की गणना जनवरी से जून 2026 तक के औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 431 अंकों के आधार पर की गई है। शासनादेश में निर्धारित 400 अंकों के आधार स्तर से ऊपर सूचकांक में हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए वीडीए की नई दरें तय की गई हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य महंगाई में बदलाव के अनुरूप श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ उपलब्ध कराना है। नई दरें छह महीने की अवधि यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी।
दैनिक मजदूरी का भी तय किया गया हिसाब
सरकार की व्यवस्था के अनुसार, न्यूनतम मासिक मजदूरी के आधार पर दैनिक मजदूरी की गणना 1/26 के अनुपात में की जाएगी। साथ ही, जिन कर्मचारियों को पहले से निर्धारित नई दरों से अधिक मजदूरी मिल रही है, उनकी मौजूदा अधिक मजदूरी जारी रखने का प्रावधान भी किया गया है।
नियोजकों को नई दरों के अनुसार करना होगा भुगतान
श्रम विभाग ने संबंधित नियोजकों, औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों से श्रमिकों को निर्धारित संशोधित दरों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। भुगतान करते समय श्रमिक की कुशलता की श्रेणी और संबंधित क्षेत्र में लागू मजदूरी दरों का ध्यान रखना होगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को संशोधित न्यूनतम मासिक मजदूरी का लाभ मिलेगा। नई दरों के तहत अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी अलग-अलग निर्धारित की गई है।
