जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में एक बड़े और चौंकाने वाले घोटाले का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में एक संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में 60 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का खुलासा हुआ है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी। जांच में पता चला है कि कुंडा तहसील में तैनात संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर ने तहसीलदार की सरकारी पोर्टल आईडी और पासवर्ड चुराकर जनसेवा केंद्र संचालकों को मुहैया कराया था।
इसके बाद इस अवैध पहुंच का इस्तेमाल कर पोर्टल पर 3.18 लाख अपात्र लोगों के नाम किसानों के रूप में दर्ज कर दिए गए और उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाने लगा। इस गिरोह ने ऐसे लोगों के नाम भी योजना में जोड़ दिए जिनके पास खेती के लिए कोई जमीन तक नहीं थी। यह पूरा फर्जीवाड़ा सबसे बड़े पैमाने पर कुंडा तहसील में अंजाम दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि गैर जनपदों और यहाँ तक कि दूसरे राज्यों के फर्जी लाभार्थियों को भी इस सरकारी योजना का अवैध लाभ दिलाया गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों अनुराग गुप्ता (कंप्यूटर ऑपरेटर) पुत्र कंधई लाल गुप्ता पांडेय का पुरवा अंखुरिया,कुंडा,शिव कुमार यादव पुत्र गंगा प्रसाद यादव निवासी – सराय छत्ता संग्रामगढ़ और जितेंद्र कुमार पुत्र देवतादीन निवासी – नया का पुरवा,भदरी कुंडा को थाना क्षेत्र कुंडा से गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 आईफोन,5 स्मार्टफोन,2 लैपटॉप,7 सिम कार्ड,बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद किया। बीते 26 अगस्त को इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शासन स्तर से सख्त निर्देश दिए गए।
इसके बाद उप कृषि निदेशक अश्वनी सिंह की शिकायत पर साइबर थाने में गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले से जुड़े अन्य संलिप्त लोगों, फर्जी लाभार्थियों और सरकारी धन के अवैध लेनदेन की गहराई से जांच की जा रही है। बाकी आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।
