रामपुर से लौटते समय बरेली एयरपोर्ट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पार्टी नेताओं से हुई चंद मिनटों की मुलाकात सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गई। भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम को देखते ही उन्होंने साथ चलने के लिए कहा और अपने साथ लखनऊ ले गए। वहीं, भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने जा रहे पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप से उन्होंने 27 की तैयारी करने को कहा। पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप को लेकर भी अखिलेश का संदेश साफ था कि पार्टी के नेता उनका ध्यान रखें और उन्हें इधर-उधर भटकने न दें।
टिकटों की दावेदारी और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच इन मुलाकातों को अहम माना जा रहा है। हालांकि, अखिलेश के संदेशों के अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, लेकिन पार्टी के भीतर इन चर्चाओं ने हलचल जरूर बढ़ा दी है।
27 की तारीख और 2027 के चुनाव के निकाले जा रहे मायने
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर में पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिवार से मुलाकात करने पहुंचे थे। बरेली एयरपोर्ट पर जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी समेत कई प्रमुख नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बरेली के नेताओं से बातचीत के दौरान अखिलेश का रुख उत्साह बढ़ाने वाला रहा।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मुलाकात के दौरान अखिलेश ने कहा कि आपको यहां आने की क्या जरूरत थी, आप 27 की तैयारी करें। इस टिप्पणी के दो मायने निकाले जा रहे हैं। पहला, 27 अक्टूबर को धर्मेंद्र कश्यप अपने समर्थकों के साथ लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता लेने वाले हैं। दूसरा, इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप के बिथरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
शिवचरन कश्यप को लेकर भी दिया संदेश
एयरपोर्ट पर पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप भी अखिलेश यादव से अपनी बात रखना चाह रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उनके कुछ कहने से पहले ही सपा प्रमुख ने वहां मौजूद नेताओं से कहा कि इनका भी ध्यान रखिए, इधर-उधर न भटकें। अखिलेश की इस टिप्पणी को संगठन में पुराने नेताओं की भूमिका और उनकी सक्रियता बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने भी सपा प्रमुख से संदेशों का जवाब नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर अखिलेश ने बाद में बात करने का भरोसा दिया। आंवला सांसद नीरज मौर्य से उन्होंने जाते समय अलग से मुलाकात की। वहीं, महानगर महासचिव दीपक शर्मा की पत्नी के निधन की जानकारी मिलने पर दुख जताया और बरेली आने पर उनके घर जाने की बात कही।
शहजिल को साथ ले जाने से बढ़ी चर्चा
भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम को अखिलेश यादव का अपने साथ लखनऊ ले जाना मुलाकात का सबसे चर्चित घटनाक्रम रहा। सूत्रों के मुताबिक, सपा प्रमुख ने उन्हें देखते ही साथ चलने को कहा। इसके बाद शहजिल उनके साथ हेलीकॉप्टर से राजधानी रवाना हो गए। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच इस घटनाक्रम को लेकर पार्टी नेताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, इस मुलाकात के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
बूथ मजबूत करने पर दिया जोर
अखिलेश यादव ने बरेली के नेताओं से संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव, 24 अक्टूबर को लगने वाले विशेष मतदाता शिविर और नए मतदाताओं को जोड़ने की मुहिम पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ हर बूथ पर पूरी लगन से काम करना होगा। मतदाता सूची से जुड़े अभियान और बूथ स्तर की सक्रियता को उन्होंने चुनावी तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इन नेताओं ने की मुलाकात
एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव से मिलने वालों में बहेड़ी विधायक अताउर रहमान, पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व महापौर आईएस तोमर, पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, महिपाल सिंह यादव, सुल्तान बेग, विजयपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, शिवचरन कश्यप, कदीर अहमद, प्रो. जाहिद खां, डॉ. अनीस बेग, साजिद खां, राजकुमार पाल, रविंद्र सिंह यादव, नूतन शर्मा, मनोहर पटेल, मुस्ताक अहमद, दिनेश यादव, डॉ. देवेंद्र सिंह यादव, राजेश अग्रवाल, पुरुषोत्तम गंगवार, सुरेश गंगवार, अनिल पटेल, बलराम यादव, हरिओम प्रजापति, इंद्रपाल शर्मा, कंबर एजाज, शानू, तेजपाल गंगवार, गौरव सक्सेना, जोगेंद्र पटेल, डॉ. अशोक यादव और भारती चौहान समेत अन्य नेता शामिल रहे।
