गणेश विसर्जन यात्रा में बमबाजी से मची भगदड़, फिर लाठी-डंडों से हमला; 4 घायल

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुजैनी थाना क्षेत्र में गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान अचानक बम फोड़े जाने से हड़कंप मच गया। फत्तेपुर गांव के पास यात्रा को कथित तौर पर करीब दो दर्जन लोगों ने घेर लिया। पहले फायरिंग और बमबाजी की गई, जिससे यात्रा में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई। इसके बाद कथित तौर पर लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर कुछ लोगों ने भक्तों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना में महिला समेत चार लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। इस दौरान कई बाइकों में तोड़फोड़ भी की गई।

ट्रैक्टर रुकवाते ही शुरू हुई बमबाजी

कानपुर में हुई इस घटना को लेकर जानकारी के अनुसार हनुमंत विहार की गल्ला मंडी केडीए कॉलोनी निवासी अर्पित शुक्ला ने घर में गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। 24 सितंबर की शाम करीब पांच बजे वह अपने दोस्त अंश शर्मा उर्फ सुदामा और अन्य भक्तों के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए बाइकों से निकले थे। डीजे और गाजे-बाजे के साथ यात्रा आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान गुजैनी के फत्तेपुर गांव के पास तीन लोगों ने यात्रा में सबसे आगे चल रहे प्रतिमा वाले ट्रैक्टर को रुकवा लिया। ट्रैक्टर रुकते ही करीब दो दर्जन लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि इसी दौरान दो से तीन राउंड फायरिंग की गई और लगातार बम फोड़े गए। सड़क पर धुआं फैलते ही यात्रा में भगदड़ मच गई।

भगदड़ के बाद लाठी-डंडों से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बमबाजी के बाद कुछ लोग कथित तौर पर वहां लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर भक्तों की तरफ दौड़े। आरोप है कि अंश शर्मा, अर्पित शुक्ला, अविरल दुबे और मयंक उर्फ मोहित को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान गाली-गलौज करने और लात-घूंसों के साथ लाठी-डंडों से हमला करने का भी आरोप है। हमलावरों ने कुछ बाइकों में तोड़फोड़ कर उनकी चाबियां निकाल लीं। घटना में बबली नाम की महिला के भी घायल होने की बात सामने आई है। हमले के दौरान महिलाओं और बच्चों ने खेतों में कूदकर बचने की कोशिश की। बताया गया कि भागने के दौरान कई बच्चों के पैरों में कांटे भी चुभ गए।

पुराने विवाद को लेकर हमले का आरोप

अर्पित शुक्ला का आरोप है कि पिछले साल मोहल्ले में रहने वाले शोभित सिंह राणा से उसका विवाद हुआ था। अर्पित के मुताबिक, विवाद के बाद शोभित और उसके साथियों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि मुकदमा वापस लेने के लिए कई बार दबाव बनाया गया, लेकिन मुकदमा वापस नहीं लिया गया। ऐसे में अर्पित का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते फत्तेपुर गांव में पहले से घात लगाकर हमला किया गया। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और हमले में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।