लखनऊ। नटकुर स्थित आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में हिंदी दिवस हर्षोल्लास और साहित्यिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर “हिंदी—संस्कृति एवं संस्कार की भाषा” विषय पर काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के प्रभावशाली पाठ से हिंदी भाषा की समृद्धि, भारतीय संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को जीवंत किया।

- काव्य पाठ में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
प्रतियोगिता में विशाल मौर्य, अनमोल सिंह, शिवा दुबे, शिल्पा सिंह, राकेश, दृष्टि पांडेय सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, प्रभावशाली प्रस्तुति और भाषा-शैली से उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। प्रतियोगिता में बीजेएमसी के छात्र दिव्यांश मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बीबीए की छात्रा आध्या तिवारी द्वितीय और अंकिता गोंड तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई।
- हिंदी हमारी संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : डॉ. सशक्त सिंह
आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक डॉ. सशक्त सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद और अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की संवाहक भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और अपनी जड़ों से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ इसके साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व को समझते हुए भाषा को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।
- साहित्यिक प्रतिभा को मिला मंच
कार्यक्रम में डॉ. अंकिता अग्रवाल, डॉ. आदित्य सिंह, डॉ. अब्दुल रुब खान, डॉ. अजय शुक्ला, डॉ. गौरव मिश्रा, प्रणव पांडेय, बी.के. सिंह, वत्सल श्रीवास्तव, सदफ, स्नेहा सिंह, दीप्ति सिंह, मोहिनी सिंह, आस्था तिवारी और प्रियंका केसरवानी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि, सम्मान और गौरव की भावना विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मक एवं साहित्यिक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। हिंदी दिवस समारोह ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ हिंदी को संस्कृति और संस्कारों की भाषा के रूप में समझने का सार्थक अवसर दिया।
