बरेली शहर की नकटिया नदी के संरक्षण की मुहिम तेज होती जा रही है। कैंटोनमेंट बोर्ड और बीडीए के साझा प्रयास जारी हैं। कैंटोमेंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन और बीडीए उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। जलस्रोतों, शैक्षिक संस्थानों और नकटिया नदी के तट का जायजा लिया।
निरीक्षण की शुरुआत 883 बटालियन क्षेत्र से हुई। अधिकारियों ने यहां करीब 20 एकड़ में फैले जलाशय का जायजा लिया गया। जलाशय के संरक्षण, पुनर्जीवन और उसके आसपास पर्यावरणीय विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
इसके बाद एक अन्य तालाब-जलस्रोत को भी देखा। टीम ने आरएन टैगोर इंटर कॉलेज पहुंचकर वहां संचालित शैक्षिक एवं नवाचार सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, एस्ट्रोनॉमी समेत विभिन्न प्रयोगशालाओं की जानकारी ली।
विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल को भी देखा गया। टीम ने धोपा क्षेत्र होते हुए नकटिया नदी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। नकटिया को ‘नाथ गंगा’ के रूप में विकसित करने की दिशा में जलधारा के संरक्षण के साथ आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
ग्राउंड वाटर रिचार्ज का प्लान
संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य केवल नदी को पुनर्जीवित करना भर नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल रिचार्ज, पारिस्थितिक पुनर्स्थापना, हरित ढांचे और जन-सहभागिता को एक-दूसरे से जोड़कर समग्र विकास का मॉडल तैयार करना है। कैंटोनमेंट बोर्ड और बीडीए के समन्वय से जलस्रोतों को संरक्षित करने और नकटिया नदी क्षेत्र को पर्यावरणीय दृष्टि से विकसित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
