प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का चेतावनी एवं राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जुलाई और अगस्त में भेजे गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज ने लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया। प्रशासन के मुताबिक समय पर चेतावनी, स्थानीय स्तर पर तत्परता और आमजन की सजगता के चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई।
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़, यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं। इसका उद्देश्य संभावित खतरे से पहले लोगों को सावधान करना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए पर्याप्त समय देना रहा। मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं समय पर मिलने से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को खतरे का अंदाजा लगाने में मदद मिली। स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लोगों को जागरूक किया। इस तरह तकनीकी चेतावनी, प्रशासनिक सतर्कता और स्थानीय लोगों की सजगता ने मिलकर राहत-बचाव अभियान को मजबूती दी।
17 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया
राहत एवं बचाव व्यवस्था के तहत बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई है। वहीं 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार सक्रिय रहीं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई। संकट के दौरान राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी महत्वपूर्ण माध्यम बनी। यहां मिलने वाली सूचनाओं को संबंधित जिला प्रशासन तक पहुंचाया गया और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन मिलने पर बचाव दलों ने कार्रवाई की।
• जुलाई में भेजे गए 306 करोड़ अलर्ट मैसेज
• अगस्त में 285 करोड़ अलर्ट मैसेज
• दो माह में कुल 591 करोड़ से अधिक संदेश
• सोशल मीडिया से एक करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंची चेतावनी
• 3.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची राहत
• 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
• संकट के लिए 1070 हेल्पलाइन सक्रिय
• बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि का दावा
