अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि कंपनी एयरलाइन कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया कि वह एयरलाइन बिजनेस में प्रवेश से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है.कंपनी ने कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. यह सफाई उन अटकलों के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया था कि अडानी समूह भारत में नई एयरलाइन शुरू करने की संभावनाएं तलाश रहा है.
दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अब अडानी एंटरप्राइसेस अब एयरलाइन कारोबार में अपना पैर पसारना चाहती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अडानी ग्रुप ने सरकार से उस नियम में बदलाव की मांग की है जो देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट नई दिल्ली और मुंबई के ऑपरेटर्स को किसी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने से रोकता है. इससे एनर्जी से लेकर डिफेंस तक का कारोबार करने वाले इस ग्रुप को एयरलाइन शुरू करने और एविएशन सेक्टर में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी.
एयरलाइन्स कारोबार में अडानी ग्रप की मौजूदगी
दरअसल अडानी ग्रुप कोई एयरलाइन्स का संचालन तो नहीं कर रही है लेकिन कंपनी पहले से ही 8 एयरपोर्ट चला रही है. इसके अलावा पायलट ट्रेनिंग, एयरक्राफ्ट की मरम्मत और ग्राउंड हैंडलिंग जैसे कामों में मजबूत मौजूदगी रखता है. अडानी के पास अभी मुंबई एयरपोर्ट में 74 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट में GMR एयरपोर्ट्स की 74 फीसदी हिस्सेदारी है.
इंडिगो, एयर इंडिया जैसी कंपनियों को राहत
अडानी ग्रुप के एयरलाइन कारोबार में न उतरने की खबर के बाद इंडिगो और एयर इंडिया जैसी कंपनियों को राहत मिलेगी. अडानी एंटरप्राइजेज की ओर से एयरलाइन कारोबार में उतरने की खबरों का खंडन किए जाने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी मौजूदा एयरलाइंस को बड़ी राहत मिली है. अगर अडानी समूह इस सेक्टर में प्रवेश करता, तो बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती थी. फिलहाल कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह एयरलाइन शुरू करने से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही, जिससे मौजूदा खिलाड़ियों पर नए बड़े प्रतिद्वंद्वी के आने की आशंका फिलहाल टल गई है.
