श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रस्ट से संबंधित जिन लोगों पर आरोप हैं, उन्हें हटाना सही फैसला है. साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान राम के दरबार में चोरी की घटनाएं नई नहीं हैं, बल्कि साल 1982 में भी ऐसी घटना हो चुकी थी.
ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा, ‘ट्रस्ट से लोगों को हटाना सही है… 1982 में भी रामलला के यहां चोरी हुई थी… अभी भी रावण है, वह हमेशा रहेगा… चोरी तो शुरू से हो रही है… इसे कोई भी पूरी तरह नहीं रोक सकता.’ उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था में यदि कोई व्यक्ति गलत काम करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, इससे संस्था की विश्वसनीयता बनी रहती है और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होता है.
‘आरोपियों पर कार्रवाई जरूरी’
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि जनआस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है, यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना स्वाभाविक है, उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्तियों और संस्था को अलग-अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1982 में भी रामलला के यहां चोरी की घटना हुई थी.
‘राजनीति कर रहे हैं केजरीवाल’
ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का कहना था कि समाज में अच्छाई और बुराई दोनों हमेशा मौजूद रहती हैं, रावण आज भी है और हमेशा रहेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से श्रद्धालुओं की आस्था कमजोर नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोषियों को दंड देकर व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए. महंत दिनेंद्र दास ने इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल राजनीति करने आए थे… उनको राम से कोई मतलब नहीं.’
‘दर्शन से किसी को नहीं रोकना चाहिए’
कांग्रेस के अयोध्या दौरे पर ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि इसे आस्था और कानून के दायरे में रहकर देखा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि रामलला के दर्शन सभी श्रद्धालुओं का अधिकार हैं और किसी भी व्यक्ति को दर्शन करने से नहीं रोका जाना चाहिए, यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए.
जांच जारी, कई आरोपी गिरफ्तार
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा कथित चोरी मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) और पुलिस कर रही है. अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया है.
