संस्कृति मंत्रालय की जूनियर फैलोशिप से सम्मानित हुईं शांभवी शुक्ला, उत्तर प्रदेश से बनीं एकमात्र चयनित शोधार्थी

Lucknow

लखनऊ/प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज की पूर्व छात्रा एवं युवा संगीत शोधार्थी शांभवी शुक्ला ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। उन्हें संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की प्रतिष्ठित जूनियर फैलोशिप प्रदान की गई है। विशेष बात यह है कि अपने शोध विषय में यह फैलोशिप प्राप्त करने वाली वह उत्तर प्रदेश की एकमात्र शोधार्थी हैं।

  • शोध, साहित्य और संगीत में बनाया विशेष स्थान

शांभवी शुक्ला ने कम आयु में ही शोध और साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह लगभग 20 पुस्तकों के संपादन एवं सह-संपादन से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका अनहद लोक के सह-संपादन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी अकादमिक और रचनात्मक सक्रियता उन्हें युवा शोधार्थियों में विशिष्ट स्थान दिलाती है।

  • आकाशवाणी और दूरदर्शन की ग्रेडेड कलाकार

शांभवी केवल शोध और लेखन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगीत जगत में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन की ग्रेडेड कलाकार हैं तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की सराहना प्राप्त कर चुकी हैं।

  • संगीत प्रवीण परीक्षा में जीता रजत पदक

वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में संगीत विषय पर शोध कर रहीं शांभवी ने इसी वर्ष प्रयाग संगीत समिति द्वारा आयोजित संगीत प्रवीण परीक्षा में पूरे भारत में द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया था। यह उपलब्धि उनके निरंतर परिश्रम, साधना और संगीत के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

  • युवा शोधार्थियों के लिए बनीं प्रेरणा

संस्कृति मंत्रालय की जूनियर फैलोशिप प्राप्त होने पर शिक्षाविदों, साहित्यकारों, संगीत प्रेमियों और शुभचिंतकों ने शांभवी शुक्ला को बधाई दी है। उनकी उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर के युवा शोधार्थियों और कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। लगातार मिल रही सफलताएं उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत कर रही हैं।