लखनऊः यूपी के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट का दावा किया। राजभर ने एक बार फिर दावा किया कि सपा में निश्चित तौर पर टूट होगी और बगावत करने वाला बलिया का नेता होगा और वह ब्राह्मण समाज से होगा। मंत्री ने एक्स हैंडल पर दावा किया, ‘सपा में बागियों का नेतृत्व तो “बागी बलिया” कि भूमि ही करेगी क्योंकि ब्राह्मण सब भूल सकता है! पर अपमान नहीं’।
बता दें कि मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा हैं। वह आजम खान की समर्थक मानी जाती हैं। लोकसभा चुनाव सपा के टिकट पर वह पहली बार सांसद बनी थीं। खबर लिखे जाने तक रुचि वीरा का बयान सामने नहीं आया है।
ओपी राजभर ने रामगोपाल को घमंडी कहा
राजभर ने अखिलेश यादव के चाचा और सपा महासचिव रामगोपाल यादव को घमंडी बताया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ने मेरे और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है, उसे पूरे बहुजन समाज ने देखा और सुना है। रामगोपाल यादव हमेशा से राजभर और मौर्य को यादवों से नीचा समझते हैं। इसके घर में हमारे लिए अलग बर्तन रखा हुआ है।
बलिया के सांसद की तरफ फिर किया इशारायूपी मंत्री राजभर में बलिया के सांसद सनातन पांडे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सपा तो टूटेगी ही, क्योंकि एक इंटरव्यू में “सनातन” ने कहा है कि सनातन, सनातन है, था और सनातन के साथ ही जाएगा।” सनातनी होने का दावा कौन लोग करते हैं? बाकी बची हुई पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष असली चाचा ही बनेगा क्योंकि वही दोबारा पार्टी खड़ा कर सकता है। दूसरा घमंडी चाचा प्रोफेसर से प्राइमरी का मास्टर बनेगा और इसे अखिलेश के ‘शिव’ चाचा हकीकत बनाएंगे।
