लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने आशियाना स्थित आवास पर आयोजित “विशेष गार्डनिंग किट वितरण कार्यक्रम” में क्षेत्र के 250 माली भाइयों को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रीमियम गार्डनिंग किट एवं टी-शर्ट वितरित की। श्री पीताम्बरा बंगलामुखी सिद्धपीठ उत्तराखंड ट्रस्ट, एनवायरनमेंट वॉरियर्स एवं ग्रीन स्माइल सोसाइटी के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सम्मान को समर्पित रहा।
- पर्यावरण के ‘हरित प्रहरियों’ का सम्मान
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि माली समाज पर्यावरण संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाने और प्रकृति की सेवा में लगे लोगों के योगदान को सम्मान देना समाज का दायित्व है। उन्होंने सभी माली भाइयों को पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक प्रहरी बताते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

- हर घर बागवानी का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट, वृक्षों की कटाई और जल संरक्षण जैसी चुनौतियों के बीच प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपने घरों में बागवानी को बढ़ावा देने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- निराश्रित और विधवा परिवारों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए दो विधवा एवं निराश्रित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। सहिजनपुर निवासी स्वर्गीय काजल रावत के परिजनों को एक लाख रुपये का चेक दिया गया, जबकि बलसिंह खेड़ा निवासी स्वर्गीय अनुज कुमार यादव की पत्नी महक यादव को भी एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

- अब तक 17 परिवारों को मिल चुकी है सहायता
डॉ. राजेश्वर सिंह की इस मानवीय पहल के तहत अब तक अधिवक्ताओं की 10 विधवा महिलाओं सहित कुल 17 विधवा एवं निराश्रित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह पहल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
- हरित और संवेदनशील सरोजनीनगर का संकल्प
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनशीलता एक विकसित समाज की दो महत्वपूर्ण आधारशिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर को हरित, स्वच्छ और संवेदनशील क्षेत्र बनाने के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और जनसहभागिता के माध्यम से इसे और मजबूत बनाया जाएगा।
