लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें देश और राज्य दोनों के लिए बड़ी क्षति हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बुधवार को सड़क सुरक्षा संबंधी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ सहित विभिन्न जनपदों में हाल में हुई सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
योगी ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं जागरूकता के अभाव में होती हैं, इसलिए सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए “टॉप टू बॉटम” हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए तथा शासन स्तर पर पाक्षिक समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति का मूल्यांकन किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें चिन्हित कर कारणों का विश्लेषण किया जाए और समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों पर स्टंटबाजी, ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित बैठक करें। अवैध वाहनों का संचालन किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है तथा अवैध वाहन स्टैंड तत्काल हटाए जाएं। सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी फील्ड में उतरकर कार्य करें तथा आरटीओ और एआरटीओ अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। परिवहन निगम केवल फिटनेसयुक्त बसों का संचालन सुनिश्चित करे तथा चालकों और परिचालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
